विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान अब निर्णायक मोड़ पर पर है। प्रशासन ने 2.07 लाख से अधिक चिह्नित मतदाताओं में से 1.70 लाख को नोटिस जारी किया है। नो मैपिंग के तहत चिह्नित 2,07,661 मतदाताओं में से अब तक 34,462 मामलों की सुनवाई हो चुकी है। शेष मामलों में 27 फरवरी तक दस्तावेज प्रस्तुत करने और पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। पहली सुनवाई में अनुपस्थित रहने वालों को मौका भी दिया जा रहा है। स्वयं उपस्थित न हो पाने की स्थिति में परिवार के सदस्य को प्रतिनिधि के रूप में भेजने की छूट दी गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि 31 जनवरी को जनपद के सभी 3770 बूथों पर बूथ डे आयोजित किया जाएगा। बीएलओ मौके पर मौजूद रहेंगे और नाम जोड़ने, संशोधन तथा त्रुटि सुधार से जुड़े फॉर्म भरवाए जाएंगे।
जिला निर्वाचन अधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जनपद की सभी 10 विधानसभा क्षेत्रों में एसआईआर का सर्वे पूरा हो चुका है। प्रतिदिन औसतन 100 मामलों की सुनवाई हो रही है। वर्तमान में जिले में लगभग 26 लाख मतदाताओं को सम्मिलित करते हुए छह मार्च 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। अब तक लगभग 1.25 लाख फॉर्म-6 और 40 हजार से अधिक फॉर्म-8 मिल चुके हैं।
13 दस्तावेजों की कसौटी पर फैसला
जन्म तिथि के आधार पर दस्तावेजों की अनिवार्यता तय की गई है। एक जुलाई 1987 से पहले जन्मे आवेदकों को स्वयं से संबंधित अभिलेख देने होंगे। एक जुलाई 1987 से दो दिसंबर 2004 के बीच जन्मे आवेदकों को स्वयं के साथ माता या पिता में से किसी एक का दस्तावेज देना होगा। दो दिसंबर 2004 के बाद जन्मे आवेदकों को माता-पिता दोनों के अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे।
ये दस्तावेज स्वीकार
पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास, जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर नकल, भूमि या मकान आवंटन पत्र, पेंशन भुगतान आदेश सहित कुल 13 अभिलेख।