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यूपी: एसडीएम के बिगड़े बोल, सीएम के आदेशों को ताक पर रख झुठलाई 11 गोवंशों के मरने की बात

Sat, 08 Jun 2019 02:53 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
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कन्नौज में गो संरक्षण केंद्र का निरीक्षण करते पुलिस कर्मी
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कन्नौज जिले में भूलभुलैयापुर गांव की अस्थायी गो संरक्षण केंद्र में 11 गोवंशों की भूख और प्यास से तड़प कर मौत हो गई थी। जिसके बाद आज कन्नौज के एसडीएम पीसी श्रीवास्तव का बयान आया है। पीसी श्रीवास्तव ने कहा कि मुझे एडीशनल एसपी से कुछ गोवंशों के गो संरक्षण केंद्र में मरने की सूचना मिली थी। उस जगह का निरीक्षण किया गया। आज वहां कोई गोवंश मृत नहीं पाया गया। 
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बताते चलें कि कन्नौज जिले में भूलभुलैयापुर गांव की अस्थायी गो संरक्षण केंद्र में 11 गोवंशों की भूख और प्यास से तड़प कर मौत हो गई। इस मामले में हड़कंप तब मचा, जब जानकारी पर सपाई गोशाला पहुंच गए। मामले को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने दो ग्राम पंचायतों के सचिवों को सस्पेंड कर दिया। दोनों के प्रधानों को नोटिस जारी किया गया है।

इसके अलावा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और पशु चिकित्साधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा है। जलालाबाद ब्लाक के बीडीओ को भी नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया है।जेवां ग्राम पंचायत के मजरा भूलभुलैयापुर में जेवां और बसीरापुर भाट ग्राम पंचायतों की संयुक्त गोशाला संचालित हो रही है। यहां जेवां के प्रधान जितेंद्र सिंह गर्रा ने 26 और बसीरापुर भाट ग्राम पंचायत के प्रधान पुत्र अखिलेश ने 21 गोवंशों को रखा था।
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गोशाला में कुल 47 गोवंश रखे गए थे। शुक्रवार को मामले ने तब तूल पकड़ा जब गांव के ही एक व्यक्ति ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख और सपा नेता नवाब सिंह यादव को गोशाला में मवेशियों की मौत होने की जानकारी दी। कुछ ही देर में सपाई गोशाला पहुंच गए। गोशाला के पीछे छह मवेशियों के शव झाड़ियों में पड़े मिले। दो मवेशियों के अवशेष इधर-उधर बिखरे थे। दुर्गंध से सांस लेना दूभर था। गोशाला में सिर्फ छह मवेशी मिले। इनमें से एक मरणासन्न स्थिति में था। दो उठने की हालत में नहीं थे। चरही में सूखा भूसा पड़ा था। पानी के इंतजाम भी नहीं थे।
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