मैनपुरी से कंटेनर में गोवंश लादकर बिहार जा रहे गोतस्करों की जब पुलिस ने घेराबंदी की तो तीन चकमा देकर भाग गए, जबकि एक को पुलिस ने पकड़ लिया। इसके बाद तीनों गोतस्करों की बिरौली के जंगल में पुलिस से मुठभेड़ हो गई। जवाबी फायरिंग में तीन गोतस्करों के पैर में गोली लग गई। तीनों को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। पुलिस कंटेनर समेत 26 गोवंश, तीन तमंचे, चार खोखा व तीन जीवित कारतूस बरामद किए हैं।
गुरुवार को पुलिस को सूचना मिली कि मैनपुरी से एक कंटेनर में गोवंशों को लादकर गोतस्कर बिहार जा रहे हैं। पुलिस ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर कंटेनर की घेराबंदी की तो तीन गोतस्कर पुलिस को चकमा देकर भाग गए, जबकि गोतस्कर जनपद रामपुर के छोटा काशीपुर गंज निवासी नईम को पकड़ लिया। इसके बाद फरार गोतस्करों की तलाश में एसपी ने एसओजी, सर्विलांस समेत पांच पुलिस टीमों को लगाया। शाम को तालग्राम-तेराजाकेट मार्ग पर बिरौली गांव के जंगल में छिपे गोतस्करों की जब पुलिस ने घेराबंदी की तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की तो जनपद मुरादाबाद के थाना भोजपुर अंतर्गत मोहल्ला तकिया गुलाबबाड़ी निवासी एहतशाम, इसी कस्बे में मोहल्ला मनिहारन निवासी शमशेर व जनपद मेरठ के थाना किठौर क्षेत्र के शाहजहांपुर निवासी शहजाद के पैर में गोली लग गई। पुलिस कर्मियों ने तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, प्रााथमिक उपचार के बाद तीनों को राजकीय मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। मौके पर एसपी विनोद कुमार, सीओ सिटी अभिषेक प्रताप अजेय पहुंचे और मुठभेड़ के बारे में जानकारी ली। पुलिस को गोतस्करों के पास से तीन तमंंचे, चार खोखा व तीन जीवित कारतूस मिले हैं।
चारों तरफ से की गई थी घेराबंदी, शातिर निकले गोतस्कर
कंटेनर पकड़े जाने के बाद तीनों गोतस्कर पैदल ही भाग निकले। एसपी ने चारों दिशाओं में उनकी घेराबंदी कराई। उत्तर तरफ गुरसहायगंज कोतवाल अजय अवस्थी, पश्चिम तरफ छिबरामऊ कोतवाल विष्णुकांत तिवारी, दक्षिण तरफ तालग्राम थानाध्यक्ष ध्यानेंद्र प्रताप सिंह, सदर कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह व पूरब की तरफ एसओजी प्रभारी जयप्रकाश शर्मा व तिर्वा कोतवाल संजय शुक्ला उनकी तलाश में लगे थे। बाद में तीनों के बिरौली के जंगल में छिपे होने की सूचना मिली तो पुलिस ने चारों दिशाओं से उनकी घेराबंदी कर ली। जब पुलिस टीम जंगल में पहुंची तो गोतस्करों ने फायरिंग शुरू कर दी। एसपी ने बताया कि शमशेर शातिर है और उसके खिलाफ बनारस व मथुरा में कई मुकदमे दर्ज हैं तो एहतशाम पर हाथरस में भी मुकदमे हैं। पकड़े गए नईम के खिलाफ भी हाथरस जिले में चार मुकदमे दर्ज हैं।
एसपी ने पुलिस टीमों को दिया 20 हजार रुपये का इनाम
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि तीनों गोतस्करों को गिरफ्तार करने की वाली टीमों को 20 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया है। बरामद गोवंश को गोशाला में भेज दिया गया है और कंटेनर को सीज कर दिया गया। यह कंटेनर शमशेर ने तस्करी के उद्देश्य से ही खरीदा था। सभी गोवंश कटने के लिए बिहार ले जाए जा रहे थे।
मथुरा की टीम कर रही थी गोतस्करों का पीछा
जनपद मथुरा के थाना गोवर्धन निवासी श्रेयस ने बताया कि उनकी टीम मैनपुरी से गोतस्करों का पीछा कर रही थी। उनके साथ शिशिर, रामबाबू, लक्ष्मण सिंह, नितिन व सुमित भी थे। एक्सप्रेसवे पर कई जगह कंटेनर को रोकने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। डायल 112 पर सूचना दी, लेकिन पुलिस पकड़ने में नाकामयाब रही। जब उन्होंने पीछा किया को चालक ने कंटेनर को रान्ग साइड पर मोड़ दिया और डिवाइडर फांदकर दूसरी लेन पर ले गया। कंटेनर के साथ एक स्विफ्ट कार भी चल रही थी, जिसमें उनका साथ मुरादाबाद जिले के थाना भोजपुर अंतर्गत पद्दा वाला तालाब छलिया निवासी अनस सवार था। नईम को इन्हीं युवकों ने पकड़ लिया था।