जुलूसे मोहम्मदी के दौरान अराजक तत्वों ने दूसरे देश का झंडा लहराया और राष्ट्रीय ध्वज के साथ छेड़छाड़ कर अशोक चक्र को हटा दिया। दोनों ही झंडों पर अरबी भाषा में लिखकर साम्प्रदायिक उन्माद फैलाने का प्रयास किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सक्रिय हुई पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में ले लिया है। मामले में हिन्दू संगठनों में रोष व्याप्त है। अमर उजाला वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
बारावफात के दौरान पांच अगस्त को निकाले गए जुलूस-ए मोहम्मदी में फलस्तीनी झंडा लहराने और राष्ट्रीय ध्वज के साथ छेड़छाड़ कर अशोक चक्र हटाने का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में फिलिस्तीनी झंडा में अरबी भाषा में, वहीं राष्ट्रीय ध्वज में अशोक चक्र हटाकर उस जगह पर भी उर्दू में लिखा हुआ था। इस संबंध में विश्व हिन्दू परिषद के जिला कार्यालय अध्यक्ष नीरज मिश्रा, शिव शक्ति अखाड़ा के जिला सेनापति बृजेश कुमार गुप्ता (रामू) ने कहा देश विरोधी गतिविधियां करने वालों के ऊपर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। जिससे देश में ऐसे कृत्यों की पुनरावृत्ति न हो सके। इसके लिए पुलिस प्रशासन को कठोर कदम उठाना चाहिए। वीडियो वायरल होते ही पुलिस सक्रिय हो गई। कोतवाल आलोक दुबे ने बताया कि दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। प्रार्थना पत्र मिलने पर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की जाएगी।