छिबरामऊ शहर में एक के बाद एक हो रहीं चोरी की वारदातों ने पुलिस महकमे को हिला दिया। जब पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की मदद से पड़ताल की तो विश्वास नहीं हुआ। चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाला एक बच्चा निकला, जिसने अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर लाखों रुपयों की चोरी कर ली। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर उनके पास से करीब 10 लाख रुपये के आभूषण व 80 हजार रुपये की नकदी बरामद की है।
मंगलवार को पुलिस कार्यालय में घटना का खुलासा करते हुए एसपी विनोद कुमार ने बताया कि चोरी की वारदाताें के बाद चोरों की गिरफ्तारी के लिए प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार अवस्थी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू किया। हर जगह पुलिस को एक बच्चा दिखाई दिया। पुलिस ने बच्चे को पकड़ा और जब उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि नई बस्ती जेरकिला छिबरामऊ निवासी आफताब, मोहल्ला तिवारियान निवासी आर्यन राठौर तथा फर्रुखाबाद के मोहल्ला नवाब दिलावरगंज थाना मऊ दरवाजा निवासी हिमांशु राठौर के साथ चोरी की वारदातों को अंजाम दिया था। पुलिस ने इनके पास से 90 ग्राम सोना, 1350 ग्राम चांदी व 80 हजार रुपये की नकदी बरामद की है। करीब 10 लाख रुपये का माल बरामद किया है। तीन आरोपियों को कोर्ट ने जेल भेज दिया, जबकि बच्चा चोर को बाल सुधार गृह फतेहगढ़ भेजा गया है। इस दौरान एएसपी अजय कुमार, सीओ सिटी कमलेश कुमार भी मौजूद थे।
नौसिखिया चोरों ने बड़ी सफाई से की चोरी
एसपी ने बताया कि कोई सहज विश्वास नहीं करेगा कि पकड़े गए चारों चोर नौसिखिया हैं। इन लोगों ने वारदातों को इस तरह अंजाम दिया कि जैसे पेशेवर चोर हों। यही वजह है कि इन चारों के खिलाफ एक भी चोरी की रिपोर्ट किसी थाने में दर्ज नहीं है। बच्चा चोर घरों की रेकी करता था और अपने दोस्तों को बताता था। ताले को लोहे की रॉड से तोड़कर सुनसान घर में वारदात को अंजाम देते थे। जिन घराें में सेंटर लॉक लगा होता था, वहां ये सफल नहीं हो पाते थे।