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अफसरों के हाथ-पांव फूले, बंद कराई गई सप्लाई
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। हालात की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पीएनजी कंपनी के कंट्रोल रूम से संपर्क कर मुख्य सप्लाई को बंद कराया गया, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। गनीमत यह रही कि गैस ने आग नहीं पकड़ी, वरना एक बहुत बड़ा हादसा हो सकता था।
चेतावनी बोर्ड को अंगूठा, बिना सूचना चला दी जेसीबी
पूरे शहर में पीएनजी पाइपलाइन बिछी हुई है और जगह-जगह चेतावनी के नोटिस बोर्ड लगे हैं। इन पर साफ लिखा है कि "खुदाई से पहले पीएनजी विभाग को सूचित करना अनिवार्य है।" इसके बावजूद बिजली निगम के जिम्मेदार अफसरों ने पीएनजी कंपनी को इत्तला देना मुनासिब नहीं समझा। अंधी खुदाई का नतीजा यह हुआ कि पूरे इलाके की सांसें कुछ देर के लिए अटक गईं।
पहले भी हो चुका है ऐसा कारनामा
यह कोई पहला मौका नहीं है जब शहर में ऐसी लापरवाही देखने को मिली हो। इससे पहले गोल कुआं चौराहे के पास भी नाले की सफाई के दौरान जेसीबी चालक ने पीएनजी पाइपलाइन फाड़ दी थी। उस वक्त भी शहर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। लगातार होती इन घटनाओं से सवाल उठता है कि आखिर बार-बार चेतावनी के बावजूद बिना तालमेल के इस तरह जानलेवा खुदाई कब तक चलती रहेगी?