कन्नौज में 6800 से 8000 रुपये में धर्मांतरण किया जा रहा है। 87 बैंक अकाउंट खंगाले गए हैं। करसाह गांव में कथित धर्मांतरण मामले में एसआईटी जांच कर रही है। तीन आरोपियों को जेल भेजा गया। एसआईटी ने कानपुर देहात जाकर दस्तावेजों की तलाश की।
कन्नौज में धर्मांतरण मामले में पुलिस की जांच अब फंडिंग पर टिक गई है। ठठिया क्षेत्र के करसाह गांव में धर्मांतरण के बाद पुलिस ने ईसाई धर्म स्वीकार करने वाले 87 लोगों के बैंक अकाउंट खंगाले तो पता चला कि तीन साल से इनके खातों में रुपये भेजे जा रहे थे। इन खातों में 6800 से 8000 रुपये तक भेजे जा रहे थे।
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पुलिस ने ठठिया क्षेत्र के करसाह गांव निवासी पन्नालाल, विद्यासागर व उमाशंकर दोहरे को गिरफ्तार कर लिया और पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया। वहां से 14 दिन की रिमांड पर जेल भेज दिया गया। सीओ सिटी अभिषेक प्रताप अजेय ने बताया कि तीनों आरोपी अपने मकान में ही अस्थायी चर्च बनाकर धर्मांतरण करा रहे थे।
इसमें गरीब व निचले तबके के लोगों को प्रलोभन देकर ईसाई बनाया जा रहा था जो लोग धर्म स्वीकार कर लेते थे। उनकी आर्थिक मदद की जा रही थी। हैंडपंप लगवा दिया गया तो किसी को सिलाई मशीन दे दी गई।
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इसके अलावा उनके खातों में रुपये भी प्रतिमाह भेजे गए। कहने को तो नवाकांति सोसाइटी स्वयं है, जिसका पंजीकरण आंध्र प्रदेश का है। इसमें वह सामाजिक कार्यों के लिए दर्ज है, लेकिन उसका मूल काम धर्मांतरण का ही है।
तहसील से जाति प्रमाण पत्र अनुसूचित जाति का ही बनवाया
एसआईटी की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है। एसआईटी के इंस्पेक्टर कपिल दुबे का कहना है कि अब तक जांच में सामने आया है, कि जिन लोगों ने ईसाई धर्म स्वीकार किया है, वह नवाकांति सोसाइटी से आर्थिक लाभ ले रहे हैं जबकि तहसील से जाति प्रमाण पत्र अनुसूचित जाति का ही बनवाया है।
87 लोगों के बैंक अकाउंट खंगाले
ऐसे 87 लोगों के बैंक अकाउंट खंगाले गए तो उनमें तीन साल से लगातार धनराशि भेजी जा रही थी। कानपुर देहात, कन्नौज, औरैया, फर्रुखाबाद व शाहजहांपुर में धर्मांतरण के जो भी मामले सामने आए हैं, उनमें एक ही संस्था का हाथ है।
20 बाइबिल और वाइन भी मिली
इनका प्रबंधक कानपुर देहात का डेविड है, जो फरार चल रहा है। बताया गया कि नवाकांति सोसाइटी ने कई दस्तावेज जला दिए हैं। इस कारण पुलिस को मजबूत साक्ष्य नहीं मिल पा रहे हैं। हालांकि पुलिस को प्रार्थना सभा के वीडियो, करीब 20 बाइबिल और वाइन भी मिली है, जो प्रार्थना सभा में लोगों को पिलाई जा रही थी।
धर्मांतरण मामले में एसआईटी जांच कर रही है जिसने बैंक अकाउंट खंगाले तो तीन साल से धनराशि भेजे जाने की पुष्टि हुई है। विदेशी फंडिंग के बारे में भी पता लगाया जा रहा है। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। पूछताछ के लिए कस्टडी रिमांड पर लिया जाएगा।-विनोद कुमार, पुलिस अधीक्षक