फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कन्नौज स्टेशन पर निर्माणाधीन लिंटर गिरा: 40 से अधिक मजदूर दबे, आठ की हालत गंभीर

Sat, 11 Jan 2025 03:24 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज

सार

Kannauj News: अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन का लिंटर भरभरा कर गिर गया। हादसे में 40 से अधिक मजदूर दब गए। आठ मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
विज्ञापन
kannauj accident - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हो रहे निर्माण कार्य के दौरान लिंटर डालते समय शटरिंग टूट गई, जिसमें 40 से अधिक मजदूर दब गए। मलबे से 23 लोगों को निकालकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से आठ की हालत गंभीर बताई जा रही है। तीन की हालत नाजुक होने पर केजीएमयू लखनऊ रेफर किया गया है। अभी मलबे में और भी मजदूर दबे होने की आशंका है, जिसके चलते राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है। मौके पर समाज कल्याण मंत्री समेत आला अधिकारी डटे हुए हैं।

विज्ञापन




शनिवार दोपहर रेलवे स्टेशन पर नवीन स्टेशन के लिए बनाए गए ढांचे पर लिंटर डाला जा रहा था। दोपहर 2:20 बजे के करीब शटरिंग टूटने से लिंटर भरभराकर गिर गया। लिंटर के ऊपर खड़े मजदूर नीचे गिरगए और कई लोग मलबे में दब गए। मौके पर मौजूद लोगों ने घायलों को मलबे से बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया।
विज्ञापन

kannauj accident - फोटो : अमर उजाला
हादसे की जानकारी होते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल, एसपी विनोद कुमार, सदर एसडीएम स्मृति मिश्रा मौके पर पहुंच गए। जिले के सभी थानों की पुलिस फोर्स और फायर ब्रिगेड को भी बुला लिया गया। नगर पालिका से 50 कर्मियों को बुलाकर घायलों को बाहर निकाला गया। प्रदेश सरकार के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण भी घटनास्थल पर पहुंचे। थोड़ी देर बाद कानपुर मंडलायुक्त के विजयेंद्र पांडयन, डीआईजी जोगिंदर कुमार भी रेलवे स्टेशन पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मंत्री समेत आला अफसरों ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों से पूछताछ की।

विज्ञापन

kannauj accident - फोटो : अमर उजाला
मजदूरों ने बताया कि पिछले तीन दिन से स्टेशन के भवन पर लिंटर डालने का काम चल रहा था। शनिवार दोपहर शटरिंग टूटने से हादसा हो गया। हादसे के बाद ठेकेदार मौके से भाग निकला। देर शाम रेलवे ने दुर्घटना सहायता स्पेशल ट्रेन को स्टेशन पर भेजा। इसके अलावा एनडीआरएफ की टीम भी मजदूरों को मलबे से निकालने में जुटी है।

पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। जांच टीम में मुख्य इंजीनियर प्लानिंग एवं डिजायन, अपर मंडल रेल प्रबंधक व मुख्य सुरक्षा आयुक्त को शामिल किया गया है। हादसे में गंभीर रूप से घायल मजदूरों को 2.50 लाख रुपये और मामूली घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। देर शाम को पूर्वोत्तर रेलवे की डीआरएम वीणा सिन्हा रेलवे स्टेशन पर पहुंच गईं और निरीक्षण किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें