हादसे की जानकारी होते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल, एसपी विनोद कुमार, सदर एसडीएम स्मृति मिश्रा मौके पर पहुंच गए। जिले के सभी थानों की पुलिस फोर्स और फायर ब्रिगेड को भी बुला लिया गया। नगर पालिका से 50 कर्मियों को बुलाकर घायलों को बाहर निकाला गया। प्रदेश सरकार के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण भी घटनास्थल पर पहुंचे। थोड़ी देर बाद कानपुर मंडलायुक्त के विजयेंद्र पांडयन, डीआईजी जोगिंदर कुमार भी रेलवे स्टेशन पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मंत्री समेत आला अफसरों ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों से पूछताछ की।
मजदूरों ने बताया कि पिछले तीन दिन से स्टेशन के भवन पर लिंटर डालने का काम चल रहा था। शनिवार दोपहर शटरिंग टूटने से हादसा हो गया। हादसे के बाद ठेकेदार मौके से भाग निकला। देर शाम रेलवे ने दुर्घटना सहायता स्पेशल ट्रेन को स्टेशन पर भेजा। इसके अलावा एनडीआरएफ की टीम भी मजदूरों को मलबे से निकालने में जुटी है।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। जांच टीम में मुख्य इंजीनियर प्लानिंग एवं डिजायन, अपर मंडल रेल प्रबंधक व मुख्य सुरक्षा आयुक्त को शामिल किया गया है। हादसे में गंभीर रूप से घायल मजदूरों को 2.50 लाख रुपये और मामूली घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। देर शाम को पूर्वोत्तर रेलवे की डीआरएम वीणा सिन्हा रेलवे स्टेशन पर पहुंच गईं और निरीक्षण किया।