नगर निगम में सभापति के पद पर भी रहे
हालांकि, 1984 के दंगों में नाम सामने आने और भारी विरोध के चलते पार्टी ने बाद में उनका टिकट बदल दिया था। राजनीतिक हलकों में कैलाश पाल को पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद श्री प्रकाश जायसवाल के अति करीबियों में गिना जाता था। वह नगर निगम में सभापति के पद पर भी रहे। दबौली वार्ड से ही अजय कपूर गुट के जेपी पाल को पार्षदी का टिकट मिलने के बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन छोड़ दिया था।