चर्चित ज्योति श्यामदासानी हत्याकांड में दोषी अवधेश चतुर्वेदी को गुरुवार को स्वरूपनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दोपहर बाद उसे अपर जिला जज प्रथम सुदामा प्रसाद की अदालत में पेश किया गया। वहां से उसे सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया गया। मध्यप्रदेश के जबलपुर निवासी शंकरलाल नागदेव ने बेटी ज्योति की शादी काकादेव के पांडुनगर निवासी बिस्कुट कारोबारी ओमप्रकाश श्यामदासानी के बेटे पीयूष से की थी। 27 जुलाई 2014 को ज्योति की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। पुलिस की जांच में पीयूष के षड़यंत्र के तहत भाड़े के हत्यारों से ज्योति की हत्या करवाने का खुलासा हुआ था।
अपर जिला जज प्रथम की अदालत ने 21 अक्टूबर 2022 को पीयूष श्यामदासानी, सोनू कश्यप, रेनू उर्फ अखिलेश कनौजिया, आशीष कश्यप, अवधेश चतुर्वेदी और मनीषा मखीजा को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। दोषियों ने सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने 29 नवंबर 2024 को अपील का निस्तारण कर दिया था।
ज्योति हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
इसमें सिर्फ मनीषा मखीजा को दोषमुक्त करार दिया गया था। बाकी पांचों दोषियों की सजा बरकरार रखी गई थी। पीयूष, रेनू और सोनू जेल में ही बंद थे जबकि अवधेश और आशीष को अपील के दौरान हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी थी। हाईकोर्ट से अपील खारिज होने के बाद भी अवधेश और आशीष ने सेशन कोर्ट में समर्पण नहीं किया था।
ज्योति हत्याकांड
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7 फरवरी को अपर जिला जज प्रथम ने दोनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया था। गुरुवार को पुलिस ने अवधेश को गिरफ्तार कर लिया। आशीष अब भी भागा हुआ है। डीसीपी सेंट्रल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि आशीष को भी दबोच लिया जाएगा।