रनियां। आंबेडकर नगर में बिजली आपूर्ति जुगाड़ के सहारे चल रही है। हालात ये हैं कि जर्जर केबल को तमाम जगह पर जोड़ कर करंट दौड़ाया जा रहा है। इससे केबल टूटकर गिरने से हादसे का डर बना है।
विद्युत तंत्र सुदृढ़ीकरण पर जोर है। इसके लिए हर साल कारोबार प्लान में प्रस्ताव लिए जाते हैं। इन प्रस्तावों की मंजूरी पर शासन से धनराशि मिलती है काम कराए जाते हैं। हालांकि रनियां के आंबेडकर नगर में कई बार केबल जलने के बाद भी नई केबल डालने की जरूरत नहीं समझी गई है। जर्जर केबल को ही जगह-जगह जोड़कर बिजली आपूर्ति की जा रही है।
हवा चलने पर केबल आपस में टकराने से अक्सर स्पार्किंग होती है दो दिन पहले केबल में आग लगने के बाद तेज धमाका हुआ था। करीब 90 घरों की बिजली आपूर्ति पूरी रात गुल रही। दूसरे दिन पहुंचे बिजली कर्मियों ने लकड़ी के डंडे के सहारे केबल को अलग-अलग कर जोड़कर जुगाड़ से बिजली आपूर्ति शुरू करा दी। लोगों का कहना है कि एक निजी विद्यालय के पास 400 केवी का ट्रांसफार्मर लगा है। इसी से 90 घरों की बिजली आपूर्ति होती है। विद्यालय से करीब 50 मीटर तक केबल जर्जर है।
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फोटो- 2 गगन कुमार।
फोटो-3- धर्मेंद्र सिंह।
समस्या की अनदेखी से बढ़े फॉल्ट
केबल में आए दिन आग और स्पार्किंग की समस्या रहती है। जर्जर केबल की जगह नई केबल डालने की जरूरत नहीं समझी जा रही है। केबल टूट कर गिरने से हादसे का डर बना है। - गगन कुमार।
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जर्जर केबल को जोड़ जुगाड़ कर बिजली आपूर्ति की जा रही है। इससे हादसे का डर बना रहता है। जेई को जानकारी है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
धर्मेंद्र सिंह।
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बयान
आंबेडकर नगर में दो से तीन बार केबल जलने की जानकारी है। नई केबल उपलब्ध नहीं हो पा रही है। नई केबल उपलब्ध होते ही डलवाई जाएगी। - विकास सोनी, एसडीओ रनियां।