एएमयू ओल्ड ब्वॉयज एसोसिएशन ने मारपीट की निंदा कर की जांच की मांग
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में मुहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर पर मचे बवाल के बाद कानपुर में भी मामला गरमाने लगा है। अलीगढ़ में पढ़े लोगों की यूनियन ने वहां हुई मारपीट और लाठीचार्ज की निंदा की है। साथ ही मामले की उच्चस्तरीय जांच की भी मांग की है। इसके अलावा मुस्लिम समाज की अन्य संस्थाओं ने भी जिन्ना की तस्वीर हटाने की मांग की है।
एएमयू ओल्ड ब्वॉयज एसोसिएशन के महामंत्री राशिद अलीग ने प्रेसक्लब में बताया कि एएमयू के आजीवन सदस्यों की फोटो वहां पर लगी है। इसमें पाकिस्तान समेत दुनिया भर के जो भी लोग सदस्य हैं, वे इस श्रेणी में आते हैं। भारत के मुसलमानों ने भारत में रहकर जिन्ना को नहीं बल्कि गांधी और नेहरू को अपना माना। वहां से तस्वीर हटनी चाहिए लेकिन इसका एक तरीका है। वहां पर किसी की तस्वीर यूं ही नहीं लग जाती है। जिन्ना हाउस, जिन्ना टॉवर और संसद में लगी जिन्ना की तस्वीर भी हटनी चाहिए। इस दोरान चौधरी जियाउल इस्लाम, तबस्सुम आलम, मसर्रत अली, मुही खान आदि मौजूद रहे।
मारपीट की जांच कराकर कार्रवाई की मांग
बैठक करते एएमयू ओल्ड बॉयज एसोसिएशन के पदाधिकारी
इसके अलावा मुस्लिम वेलफेयर एंड एजूकेशनल संस्था के सचिव इखलाक अहमद डेविड की अगुवाई में कर्नलगंज में बैठक हुई। इसमें भी जिन्ना की तस्वीर उतारने की मांग उठी। इसके अलावा गृहमंत्री राजनाथ सिंह से कट्टरपंथी संगठनों द्वारा यूनिवर्सिटी में घुसकर छात्रों के साथ मारपीट की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की। इसमें डॉ. अमानउल्ला खां, मुरसलीन भोलू, इस्लाम खां चिश्ती, मोहम्मद रफीक, नूर आलम, हाजी एजाज अहमद, मोहम्मद जमशेद खान, गुलजार आलम, हाजी निजामुद्दीन मौजूद रहे।
हिंदू समन्वय समिति ने फूंका पुतला : हिंदू समन्वय समिति कानपुर दक्षिण ने शनिवार को कानपुर किदवई नगर चौराहे पर जिन्ना का पुतला फूंका। इस दौरान समिति के अध्यक्ष सुमित कश्यप, महामंत्री ब्रजराज सिंह, हिंदू समन्वय समिति के देवेश वाजपेयी आदि मौजूद रहे।