ग्राहकों को एमसीएक्स रेट से 2000 रुपये किलो महंगी चांदी बेची
कानपुर की ज्वैलरी बाजार में धनतेरस वाले दिन भी मंदी का असर भांपकर सराफा कारोबारियों ने ग्राहकों को एमसीएक्स रेट से 2000 रुपये किलो महंगी चांदी बेची। इससे शगुन के नाम पर होने वाली खरीद पर भी ज्वैलर्स ने चांदी काटी और ग्राहकों को नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि यह सब इतना संगठित तरीके से हुआ कि ग्राहकों को कहीं और मोल भाव करने का भी मौका नहीं मिला।
28 अक्तूबर को मुंबई में चांदी का मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) रेट 42,000 रुपये प्रति किलो के आसपास रहा। मांग कम होने और तस्करी बढ़ने की वजह से हाजिर बाजार बीते एक माह से एमसीएक्स रेट से 500 से 1000 रुपये कम चल रहा था। सराफा कारोबारियों को इस बात का अंदेशा हो गया था कि धनतेरस पर भी ज्वैलरी मार्केट फीका रह सकता है।
सराफा बाजार के सूत्र बताते हैं कि मंदी के असर को भांपकर शगुन के नाम पर होने वाली खरीद पर मुनाफा कमाने की तरकीब सराफा कारोबारियों ने निकाली। इसी वजह से धनतेरस से एक दिन पहले ही चांदी का हाजिर भाव 44,000 रुपये प्रति किलो खोला गया। सराफा बाजार के सूत्र बताते हैं कि यदि चांदी 42,000 रुपये के आसपास होती तो चांदी का 10 ग्राम का सिक्का 480 रुपये के आसपास मिलता। चांदी का एमसीएक्स रेट दो नवंबर को एक हजार रुपये बढ़कर 43,000 पर पहुंच गया है। कानपुर महानगर सराफा एसोसिएशन के पंकज अरोड़ा ने कहा कि धनतेरस पर चांदी का एमसीएक्स रेट 42,000 रुपये के आसपास रहा। हाजिर बाजार में उस चांदी 2000 रुपये किलो महंगी बिकी। मांग बढ़ने पर एमसीएक्स से हाजिर रेट बढ़ जाता है। कुछ सराफा कारोबारियों ने इसी का फायदा उठाया होगा।
चांदी धनतेरस पर
एमसीएक्स रेट- 42,000 रुपये
हाजिर रेट- 44,000 रुपये
चांदी दो नवंबर को
एमसीएक्स रेट- 43,000 रुपये
हाजिर रेट- 43500 रुपये