बताया गया कि जब उन्होंने लॉकर देखा तो वो खुला सा लग रहा था। इसके बाद बिना चाभी लगाए उंगली से ही लॉकर खुल गया। लॉकर के अंदर रखा सारा सामान गायब मिलने पर वो बेसुध हो गईं। हालांकि पहले बैंक प्रबंधन पूरे मामले को दबाए रहा। काफी देर तक देवी गोस्वामी के घर न पहुंचने पर इनके पति गोपी गोस्वामी इन्हें खोजते हुए शाखा पहुंचे। किसी तरह संभलने के बाद परिजनों को सूचना दी। इसके बाद इनका बेटा और अन्य लोग मौके पर पहुंचे। लाखों के जेवरात गायब होने से शाखा में भी हड़कंप मच गया। वहीं मामले की जांच के लिए डिप्टी जोनल मैनेजर और अन्य अधिकारी भी पहुंच गए। देररात तक पुलिस पीड़ित से पूछताछ कर रही थी।
बैंक वाले बोले- खुद लॉकर खुला छोड़कर चली गई होगी
बैंक ऑफ इंडिया की माल रोड शाखा के बैंक लॉकर से 50 लाख के जेवरात गायब होने के मामले में बैक कर्मचारियों और अफसरों की संवेदनहीनता भी देखने को मिली। दोपहर में मामला सामने आ गया था। इसके बाद भी बैंक कर्मचारियों ने पीड़ित देवी गोस्वामी के साथ सहयोग नहीं किया और न ही पुलिस को जानकारी दी।
इसके उलट महिला अफसर लॉकर से जुड़ा गेट बंद करके चली गई। बैंक कर्मचारियों ने कहा कि खुद ही लॉकर छोड़कर चली गई होगी। वहीं लॉकर रूम का गेट खुलने का पुलिस एक घंटे तक इंतजार करती रही। बाद में ताला खुलने पर जांच शुरू हुई।
देवी गोस्वामी के बेटे रवि गोस्वामी ने बताया उनके पिता गोपी कृष्ण गोस्वामी और मां का संयुक्त लॉकर था। सेंट्रल बैंक में हुई घटना की खबरों के बाद मां लॉकर चेक करने गई थीं। जब लॉकर देखा तो खुला था। इसकी जानकारी बैंक प्रबंधन को दी तो बोले खुद ही खुला छोड़ गए होंगे। इस पर मां ने कहा कि 50 लाख के जेवरात होने पर कोई लॉकर कैसे खुला छोड़ सकता है। तीन साल से लॉकर ऑपरेट नहीं किया था। वहीं देरशाम डिप्टी जोनल मैनेजर मनोज कुमार सिंह और सुरक्षा अधिकारी रितु एक घंटे तक वहां रुकने के बाद चले गए।