‘डॉक्टरों को मरीजों का इलाज अपने बेटे की तरह करना चाहिए, सभी बीमारियों से रक्षा करनी चाहिए। अब डॉक्टर पेशेंट से और पेशेंट डॉक्टर से डरने लगा है। ऐसा नहीं होना चाहिए।
प्राणियों पर दया करना सबसे बड़ा धर्म है और डॉक्टर उत्तम से उत्तम तकनीक से मरीज को ठीक करें।’ यह आह्वान एलपीएस इंस्टीट्यूट ऑफ कॉर्डियोलॉजी के पूर्व डायरेक्टर प्रो. एसएस सिंघल ने किया।
प्रो. सिंघल जेम्सकॉन 2014 के 30वें वार्षिकोत्सव का उद्घाटन कर रहे थे। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं। कहा कि जो जेम्स मेंबर चाहते हैं कि कॉलेज को दान देना चाहिए उनके लिए सुविधा उपलब्ध करा दी गई है।
इस फंड का उपयोग मरीज और छात्र हित में होगा। 1964 गोल्डन बैच के प्रेसीडेंट डॉ. आरके लुंबा ने भी अपने विचार रखे। जेम्स स्मारिका का विमोचन किया गया। देर रात सांस्कृतिक कार्यक्रमों में डॉक्टरों ने खूब मस्ती की।