जेईई मेन के शुक्रवार देर रात घोषित परिणाम में औरैया के होनहार छात्र अभय सिंह यादव ने 99.469 पर्सेंटाइल अंक पाए हैं। औरैया के स्थानीय निवासी और चंडीगढ़ में रहकर जेईई की तैयारी करने वाले अभय का भी सपना कंप्यूटर साइंस स्ट्रीम लेकर आईआईटी से पढ़ाई करना है।
इस वक्त वह जेईई एडवांस की तैयारियों में व्यस्त हैं। अभय के पिता सूर्य प्रकाश सिंह सरकारी बैंक में हेड कैशियर हैं। उन्होंने बताया कि उनका बेटा हमेशा से ही मेधावी छात्र रहा है और उसका सपना है कि वह देश के सर्वोच्च शिक्षण संस्थानों में से एक आईआईटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करे।
अभय की सफलता के पीछे उनकी मां का बड़ा योगदान है। वह बेटे की पढ़ाई के लिए परिवार को छोड़कर उसके साथ ही चंडीगढ़ में रह रही हैं। परिवार के सभी सदस्यों को भरोसा है कि उनका बेटा अभय जेईई एडवांस में भी ऐसे ही अच्छे नंबर लाकर पास होगा।
शाम 5 बजे आना था रिजल्ट, लेकिन रात 11 बजे जारी हुआ
शुक्रवार को रिजल्ट शाम 5 से 6 के बीच में मिलना था, लेकिन देर रात 11 बजे के बाद जारी किया गया। मालूम हो कि देशभर में साढ़े आठ लाख से अधिक विद्यार्थियों ने इसके लिए पंजीकरण कराया था, लेकिन 25 फीसदी छात्र गैरहाजिर रहे थे। अब इनमें से अच्छे अंक लाने वाले लगभग ढाई लाख विद्यार्थी जेईई एडवांस परीक्षा में हिस्सा लेंगे। यह परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थी आईआईटी में दाखिल होंगे। अब जेईई मेन में पास हुए छात्र इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला ले सकेंगे।
बिना कोचिंग किए सौरभ की जेईई में आई 96 रैंक
कानपुर देहात के अकबरपुर कस्बे के मसोथा गांव के किसान शिव सिंह यादव के बेटे सौरभ यादव की जेईई मेंस परीक्षा में ऑल इंडिया में 96वीं व ओबीसी में आठवीं रैक आई है। सौरभ आईएएस की परीक्षा पास करने के बाद डीएम बनकर लोगों की सेवा करना चाहते हैं। जेईई मेंस में अच्छी रैंक आने के बाद घर में खुशी का माहौल है। खास बात यह है कि सौरभ कभी इस परीक्षा को पास करने के लिए कोचिंग नहीं गए। क्षेत्र में लोग इस युवा की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं।
अकबरपुर कस्बे के मसोथा गांव निवासी सौरभ यादव की प्राथमिक शिक्षा अकबरपुर के प्राईवेट स्कूल में हुई। इसके बाद वह कानपुर चले गए। वहां 2016 में हाईस्कूल की परीक्षा में 85 प्रतिशत व 2018 में इंटरमीडिएट परीक्षा में भी 85 प्रतिशत अंक आए। सौरभ ने घर वालों से जेईई की तैयारी करने की बात कही। आर्थिक स्थिति ठीक न होने पर पिता ने असमर्थता व्यक्त की। लेकिन सौरभ के भाइयों ने हौसला बढ़ाया। सौरभ ने घर में रहकर तैयारी शुरू कर दी।
पहली बार में 2019 की जेईई-प्री परीक्षा में सौरभ ने बेहतर अंक प्राप्त किए, लेकिन मुख्य परीक्षा में वह अस्वस्थ हो गए और परीक्षा पास नहीं कर सके। सौरभ ने हार नहीं मानी और वह तैयारी करते रहे। शनिवार को जेईई का रिजल्ट घोषित हुआ। उसमें बेहतर अंक आए। सौरभ की ऑल इंडिया में 96 वीं व ओबीसी में आठवीं रैंक आई। जानकारी के बाद घर में लोगों के खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सौरभ पांच भाईयों अनिल, शैलेंद्र, सुशील, सुधीर में सबसे छोटा है।
एक बहन रेनू यादव बीएड करने के बाद टीईटी पास कर चुकी है। सौरभ यादव ने बताया कि उनका सपना संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा पास करने का है। बताया कि उनकी सफलता के पीछे पिता शिव सिंह, मां अंजना सहित भाई-बहन का भूरा सहयोग मिला है।