कानपुर में पत्नी की हत्या में करीब ढाई माह से फरार चल रहे एक पूर्व विधायक के सगे भांजे को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उसकी गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही थानेदार से लेकर आला अफसरों तक कई सत्ताधारी नेताओं के फोन भी पहुंचे।
बजरिया निवासी सुरेंद्र कुमार दीक्षित की बेटी निधि दीक्षित ने 14 जुलाई 2013 को ग्वालटोली सूटरगंज निवासी प्रशांत सिंह से प्रेम विवाह किया था। 28 जून 2020 को प्रशांत सिंह ने ससुराल वालों को सूचना दी कि निधि ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली है।
मामले में सुरेंद्र ने प्रशांत समेत अन्य परिजनों के खिलाफ दहेज हत्या, दहेज अधिनियम समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। ग्वालटोली इंस्पेक्टर केके दीक्षित ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी हत्या की पुष्टि हुई थी। इसके बाद दहेज हत्या की धारा को हत्या में तब्दील कर दिया गया था।
तभी से प्रशांत वांछित था। इंस्पेक्टर केके दीक्षित ने बताया कि प्रशांत सिंह कानपुर देहात से सपा के पूर्व विधायक का भांजा है। इसलिए तमाम नेता फोन कर उसको छोड़ने के लिए कह रहे थे। इंस्पेक्टर का कहना है कि प्रशांत के खिलाफ हत्या के पुख्ता साक्ष्य हैं।