कोरोना का संक्रमण बढ़ने के साथ ही पुलिस भी सख्त हो गई है। अब ऐसे लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज की जाएगी जो विदेश से आए हैं या निजामुद्दीन मरकज में शामिल हुए हैं या कोरोना पॉजिटिव पाए गए जमातियों के संपर्क में रहे हैं और पुलिस प्रशासन को सूचना नहीं दे रहे हैं।
इनकी वजह से भविष्य में कोई कोरोना संक्रमित होता है और उसकी मौत होती है तो इनके खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। इस संबंध में आईजी रेंज ने सभी जिलों के कप्तानों को निर्देश दे दिए हैं। कानपुर में अब तक 119 तब्लीगी जमातियों की शिनाख्त हो चुकी है।
इसके अलावा औरैया व इटावा के कुल 24 जमातियों को क्वारंटीन किया जा चुका है। आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि पुलिस लगातार थानेवार एनाउंसमेंट करवा रही है। ताकि जो लोग विदेश से आए हैं या निजामुद्दीन मरकज में शामिल हुए हैं, उनकी मेडिकल जांच कराई जा सके।
आईजी ने बताया कि कानपुर, कानपुर देहात, औरैया, कन्नौज, इटावा और फर्रुखाबाद जिले के एसपी को निर्देश दिए गए हैं कि एलआईयू की मदद से जमातियों के बारे में जानकारी जुटाएं। पुलिस प्रशासन को सूचना दिए बगैर छिपकर रहने वालों के खिलाफ हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। तीन दिन पहले हिमाचल प्रदेश पुलिस ने भी ऐसा ही निर्देश जारी किया था तब 52 जमाती खुद सामने आए थे।
दो दिन में सीसीटीवी कैमरे लगवाएं
आईजी ने बताया कि क्वारंटीन सेंटरों की निगरानी बेहद जरूरी है ताकि कोरोना संदिग्ध भाग न सकें। इसके लिए सभी सेंटरों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने के आदेश दिए थे। कई जगहों पर अभी भी कैमरे नहीं लगे हैं। सोमवार को उन्होंने सभी एसपी को पत्र लिखकर दो दिन में क्वारंटीन सेंटरों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए निर्देश दिए।