टाटमिल चौराहे पर 16 कर्मियों संग डटीं डीसीपी ट्रैफिक
ट्रैफिक के हालात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि टाटमिल चौराहे पर लगे भयावह जाम को खत्म करने के लिए डीसीपी ट्रैफिक आरती सिंह 16 ट्रैफिक कर्मियों के साथ जुटीं तो करीब दो घंटे में हालात सामान्य हो सके। इसी तरह डीसीपी साउथ रवींद्र कुमार, डीसीपी सेंट्रल दिनेश त्रिपाठी, एडीसीपी सेंट्रल महेश कुमार, एसीपी स्वरूपनगर, डीसीपी पूर्वी श्रवण कुमार सिंह ने भी अलग-अलग जगह खड़े होकर हालात सामान्य कराए।
जाम लगने के पांच बड़े कारण
जूही खलवा पुल का बंद होना
साउथ के लोगों को शहर से जोड़ने वाला जूही खलवा पुल तीन जलभराव के चलते तीन दिन से बंद है। इसके चलते त्योहार वाले दिन लोग गोविंदनगर, दादानगर और नया पुल से होकर गुजरे। इसकी वजह से इन रूटों पर ट्रैफिक लोड बढ़ गया और इसका नतीजा जाम के रूप में सामने आया।
राखी के शुभ मुहूर्त दोपहर डेढ़ बजे से शुरू होना
आमतौर पर राखी का शुभ मुहूर्त सुबह से रहता है। इस बार यह मुहूर्त दोपहर डेढ़ बजे से शुरू हुआ। इसके चलते लोग मुहूर्त के अनुसार निकले तो एकाएक लोड बढ़ने से दोपहर को शहर की सड़कें जाम से जकड़ गईं। पूरे दिन मुहूर्त रहता है तो एकसाथ ट्रैफिक लोड नहीं बढ़ता।
पुलिस व ट्रैफिक पुलिस की गैरमौजूदगी
दरअसल, शुभ मुहूर्त दोपहर में होने की वजह से इसके पहले तक यातायात सामान्य रहा। इसके चलते पुलिस व ट्रैफिक पुलिसकर्मी सड़कों से नदारद हो गए। इस लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि मुहूर्त के समय जब भीड़ निकली तो उन्हें संभालना मुश्किल हो गया।
लोगों की नासमझी और जल्दबाजी
जाम में फंसने के बाद लोगों ने जल्दबाजी और नासमझी से खुद ही मुसीबत बढ़ा ली। पहले निकलने के फेर में अपनी लेन छोड़क दूसरी लेन पर चले गए। जहां जगह मिली, वहां अपना वाहन घुसेड़ दिया। इससे जाम और जकड़ गया। इसके अलावा रामादेवी में एक ट्रक का टायर फट जाने से भी घंटों जाम लगा।