कहिंजरी के पास गोपालपुर मोड़ पर सड़क पर जाम लगाए मृतक रमेश के परिजन व ग्रामीण।
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रसूलाबाद (कानपुर देहात)। शनिवार को माल का पुरवा गांव में घायल किसान की मौत मामले में परिजनों ने कानपुर रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया। करीब डेढ़ घंटे लगे के बाद मौके पहुंचीं एसडीएम अंजू वर्मा ने परिजनों को कार्रवाई का भरोसा देकर शव सड़क से हटवाया और जाम खुलवाया।
गुरुवार को रसूलाबाद के माल का पुरवा गांव के किसान रमेश दुबे (70) घायल अवस्था में झींझक रेलवे क्रासिंग के पास ट्रैक पर मिले थे। बाद में उपचार के दौरान शुक्रवार को कानपुर हैलट में किसान की मौत हो गई। शनिवार की सुबह शव गांव पहुंचने पर रिजनों ने परिवार के कुछ लोगों पर हत्या का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग करने लगे। बैनामा की गई जमीन का दाखिल खारिज न करने की बात की। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से रसूलाबाद-कानपुर रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया। जाम से वाहनों की कतार लग गई। एसडीएम अंजू वर्मा ने बताया कि बेटे परशुराम की तहरीर पर पुलिस ने चाचा प्रमोद कुमार, उनके बेटे हिमांशू, सुधांशु, उनकी पत्नी किरण व सीमा के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट कर ली है।
जाम लगाने पर होगी कार्रवाई
एएसपी घनश्याम चौरसिया ने बताया कि जिले में धारा 144 लागू है। इसके बाद भी रोड जाम किया गया। प्रभारी निरीक्षक शशि भूषण मिश्रा को रोड जाम करने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कहां गए दस लाख रुपये
रसूलाबाद। 24 मार्च को मृतक रमेश चंद्र दुबे ने पारिवारिक बहू सीमा देवी को 4.50 लाख व किरण को 5. 50 लाख रुपये में सड़क किनारे की जमीन बेच दी थी। परिजनों का आरोप है कि रमेश चंद्र दुबे ने नगद रुपये लेकर जमीन बेची थी। इसके बाद उनकी हत्या कर दी गई। दस लाख रुपये कहां गए इसपर सभी चर्चा करते रहे।