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Jalaun: ट्रैक्टर के बोनट से गिरा युवक ट्रॉली के पहिए से कुचला, मौत से परिजनों में मचा कोहराम

Sat, 04 Jan 2025 01:16 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन

सार

Jalaun News: ट्रैक्टर ट्रॉली से कुचलकर युवक की दर्दनाक मौत हो गई। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन में जुट गई।
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युवक की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दोस्त के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली में ईंटे लादकर आ रहा युवक ट्रैक्टर के बोनट से गिर गया। उसके ऊपर से ट्राली का पहिया चढ़ जाने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास मौजूद लोग उसे सीएचसी ले गए। जहां डॉक्टर ने होने से उसे इलाज नहीं मिल पाया। सीएचसी में तैनात फार्मासिस्ट ने उसे इंजेक्शन लगाकर रेफर कर दिया। जहां जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि अगर उसे समय पर इलाज मिल जाता तो शायद उसकी जान बच जाती।
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थाना क्षेत्र के महटौली गांव निवासी अर्पित ट्रैक्टर से औरैया के अजीतमल से ईंटें भरने गया था। वह अपने दोस्त सोनू (28) को भी साथ ले गया था। शुक्रवार शाम वह ईंट भरकर घर वापस आ रहे थे। तभी रामपुरा थाना क्षेत्र के गुढ़ा के पास ट्रैक्टर के बोनट पर बैठा सोनू फिसलकर नीचे गिर गया। ईंटों से लदी ट्राली का पहिया उसके ऊपर से निकल गया। इससे कुचलकर सोनू गंभीर रूप से घायल हो गया।

आसपास मौजूद लोग उसे सीएचसी ले गए। जहां डॉक्टर ने होने से उसे इलाज नहीं मिल सका। वहां मौजूद फार्मासिस्ट ने उसे इंजेक्शन लगाकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। युवक के पिता बृजबिहारी ने बताया कि सीएचसी में इलाज न मिलने से उसकी हालत और बिगड़ गई थी। बताया कि वह उसका इकलौता पुत्र था। उसका विवाह तीन वर्ष पहले हुआ था। उसकी दो वर्ष की एक पुत्री व दो माह का एक बेटा है। उसकी मौत से पत्नी स्वाति सहित अन्य परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। थाना प्रभारी संजीव कटियार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जांच पड़ताल की जा रही है।
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रात में हमेशा गायब रहते सीएचसी प्रभारी
कस्बे में बनी सीएचसी का हाल बुरा है। यहां तैनात सीएचसी प्रभारी डॉ. प्रदीप राजपूत रात में हमेशा गायब रहते हैं। इसलिए यहां आने वाले मरीजों को रात के समय में इलाज नहीं मिल पाता है। लोगों का कहना है कि डॉक्टर शाम पांच बजे के बाद ही सीएचसी से चले जाते हैं। इसके बाद वहां तैनात वार्ड ब्वाय ही इलाज करते हैं। शुक्रवार की रात हादसा होने की जानकारी मिलने पर ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह जब सीएचसी पहुंचे तो उन्होंने फोन कर डॉक्टर को बुलाया। डॉ. प्रदीप का कहना है कि वह काम से ईंटों चले गए थे।
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