याशमीन को सुरक्षित बाहर निकाला
उसकी आवाज सुनकर घर के अन्य सदस्य—पिता अनीस अहमद, मां सितारा और भाई आदिल तत्काल रसोई की ओर दौड़े और किसी तरह याशमीन को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। शोर-शराबा सुनकर मोहल्ले के अन्य लोग भी घर की ओर दौड़ पड़े और स्थिति को काबू में करने की कोशिश शुरू कर दी।
साहस और सूझबूझ से पाया काबू
इसी दौरान पुलिस को सूचना दी गई, जो तुरंत मौके पर पहुंच गई। मोहल्ले के कुछ साहसी लोगों ने जान की परवाह किए बिना जलते हुए सिलेंडर को घर से बाहर निकाला और पड़ोसी फिरदौस के मकान में लगे अग्निशमन यंत्र की मदद से आग पर काबू पाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने घर की जांच पड़ताल की और राहत की बात यह रही कि किसी को कोई गंभीर चोट नहीं आई।