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Jalaun Accident: टायर फटते ही डंपर का केबिन बना मलबा, आधे घंटे तक हाईवे पर तड़पते रहे घायल, उठे गंभीर सवाल

Wed, 29 Jul 2026 11:51 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन

सार

Jalaun News: आटा थाना क्षेत्र स्थित झांसी-कानपुर नेशनल हाईवे पर टायर फटने से एक डंपर अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे केबिन में फंसे दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सूचना के बावजूद एंबुलेंस के समय पर न पहुंचने के कारण घायलों को काफी देर तक दर्द से तड़पना पड़ा।
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jalaun road accident - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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जालौन जिले के आटा थाना क्षेत्र में झांसी-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर आटा थाना क्षेत्र के आटा-उकासा टोल प्लाजा के पास मंगलवार रात एक डंपर का आगे का टायर फटने से भीषण हादसा हो गया। अनियंत्रित डंपर का अगला हिस्सा घूमकर पीछे की बॉडी से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि डंपर का केबिन पूरी तरह पिचक गया और उसमें सवार दो लोग गंभीर रूप से फंस गए।

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धमाके की आवाज सुनकर टोल प्लाजा के कर्मचारी और आसपास के ढाबों पर मौजूद लोग मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद केबिन में फंसे छोटू (34) निवासी भोगनीपुर और अरविंद्र (41) निवासी करूसा को बाहर निकाला। दोनों गंभीर रूप से घायल थे और उनके शरीर से लगातार खून बह रहा था। इसके बाद 108 एम्बुलेंस, एनएचएआई और पुलिस को सूचना दी गई।

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हाईवे किनारे दर्द से तड़पते रहे घायल

प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद करीब आधे घंटे तक एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। इस दौरान दोनों घायल हाईवे किनारे दर्द से तड़पते रहे और लोग बेबस होकर मदद का इंतजार करते रहे। बाद में आटा पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू कराया। करीब आधे घंटे बाद एम्बुलेंस पहुंचने पर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भेजा गया। हादसे के कारण कुछ देर तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित रहा।
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jalaun road accident - फोटो : amar ujala
आपातकालीन राहत व्यवस्था पर सवाल खड़े
इसके बाद में क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त डंपर को हटाकर यातायात सुचारु कराया गया। स्थानीय लोगों ने कहा कि हाईवे पर आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन समय पर एम्बुलेंस न पहुंचना गंभीर चिंता का विषय है। उनका कहना है कि यदि आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था सक्रिय रहती, तो घायलों को लंबे समय तक सड़क किनारे तड़पना नहीं पड़ता। घटना ने एक बार फिर हाईवे की आपातकालीन राहत व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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