आठ दिन पहले घर से लापता दरोगा का शव शनिवार को कोतवाली क्षेत्र स्थित यमुना नदी में पड़ा मिला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव बाहर निकलवाकर परिजनों को सूचना दी। परिजनों ने शव की शिनाख्त दरोगा के रूप में की है। उरई कोतवाली में उनकी गुमशुदगी दर्ज है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला राजेंद्र नगर निवासी गया प्रसाद का 32 वर्षीय पुत्र जितेंद्र कुमार आगरा कमिश्नरेट में दरोगा के पद पर पुलिस लाइन में तैनात था। 28 फरवरी को वह बिना छुट्टी के घर आ गए थे। कुछ देर बाद ही वह घर में बैग रखकर दोस्तों से मिलने जाने की बात कहकर घर से निकल गए थे। देर रात तक जब वह घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उसके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन उसका फोन बंद आ रहा था। इस पर परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की थी। पता न चलने पर कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
तीन दिन तक पता न चलने पर परिजनों ने एसपी को भी प्रार्थना पत्र दिया था। लेकिन इसके बाद भी उसका कहीं कोई पता नहीं चला था। शनिवार को उसका शव कालपी कोतवाली क्षेत्र के रायड़ दिवारा गांव के पास निकली यमुना नदी में ग्रामीणों ने शव पड़ा देखा और इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस ने शव निकलवाकर परिजनों को सूचना दी। उरई से पहुंचे परिजनों ने उसकी शिनाख्त जितेंद्र कुमार के रूप में की। दरोगा की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। बताया कि वह दो भाई थे, उसकी अभी शादी नहीं हुई थी। एएसपी प्रदीप कुमार वर्मा ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जांच पड़ताल की जा रही है।