रूरा। लखनऊ में बीते चार अक्तूबर यूपीएसई की तरफ से आयोजित स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी की परीक्षा में अपने दोस्त की जगह परीक्षा देते जयशंकर त्रिपाठी को पकड़ा गया है। वह कानपुर देहात के रूरा रेलवे स्टेशन पर टेक्नीशियन के पद पर तैनात रहा है। अब रेलवे प्रशासन उसकी विभागीय जांच में जुट गया है और आगे की कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।
लखनऊ में आयोजित परीक्षा में जयशंकर अपने मित्र शशांक कुमार मिश्रा की जगह परीक्षा देते पकड़ा गया है। प्रयागराज मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि समाचार पत्र के माध्यम से जानकारी के अनुसार परीक्षा केंद्र में जांच के दौरान दस्तावेजों और पहचान का मिलान करने पर उसको पकड़ कर जेल भेजा गया है। वह रेलवे के टेलीकॉम विभाग में कानपुर देहात के रूरा रेलवे स्टेशन पर करीब तीन वर्षों से टेक्नीशियन के पद पर कार्य करता रहा है। कहा कि मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। उसके खिलाफ शासन से की जा रही कार्रवाई के अलावा निर्देशानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि मामला लखनऊ के नेशनल पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र का है। वहां चार अक्तूबर को सुबह की पहली पाली 9:30 से 11:30 बजे की तक होने वाली परीक्षा में दोस्त की जगह परीक्षा दे रहा था। इस दौरान आयोग की डिजिटल वेरिफिकेशन एजेंसी के कंट्रोल रूम में आइरिस स्कैन को लेकर अलर्ट आया। सिस्टम में अभ्यर्थी का आइरिस डेटा मैच नहीं हुआ। अलर्ट मिलने के बाद परीक्षा केंद्र को दोबारा बायोमेट्रिक और आधार सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए। परीक्षा समाप्त होते ही अधिकारियों ने संदिग्ध युवक को रोक लिया गया। उससे आधार कार्ड और दूसरे पहचान पत्र मांगे गए, लेकिन उसने दस्तावेज दिखाने से इनकार कर दिया। इसके बाद कार्रवाई की गई।