फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘संतों की शरण में आने से सुधरेगा जीवन’

Wed, 11 Mar 2015 02:36 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
‘संत के संग लाग रे, तेरी बिगड़ी बनेगी.... तेरी बिगड़ी बनेगी तेरी बिगड़ी बनेगी....।’ जगद्गुरु श्रीराम भद्राचार्य के इस भजन से पूरा पंडाल भक्तिमय हो गया। जगद्गुरु ने इस भजन के माध्यम से भक्तों को जीवन की सच्चाई बताते हुए संतों की शरण में जाने की सीख दी।
विज्ञापन


निराला नगर इंद्रा पार्क में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत विधायक अजय कपूर ने दीप प्रज्वलित करके की। इसके बाद वहां मौजूद भक्तों ने जगद्गुरुश्रीराम भद्राचार्य जी महराज का माल्यार्पण और पुष्प वर्षा करके भव्य स्वागत किया।

श्रीराम भद्राचार्य जी महाराज ने मंगलवार को कथा सुनाने से पहले भक्तमाल के रचयिता नाभादास जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए निशक्तजनों की पीड़ा का चित्रण किया तो पंडाल में मौजूद भक्त भावुक हो गए।
विज्ञापन


जगद्गुरु ने बताया कि नाभादास जी जन्मांध थे इसकी वजह से उनके परिजन महज पांच वर्ष की उम्र में ही जंगल छोड़कर चले गए थे। वह जंगल में भटक रहे थे इसी दौरान अग्रदास और कील्हदास वहां से गुजरे तो नाभादास उन्हें मिले और उनकी विलक्षणता को पहचानते हुए अपनी शरण में ले लिया।

आश्रम में नाभादास की शिक्षा दीक्षा शुरू हुई। नाभादास जी संतों की सेवा करते हुए श्रेष्ठता को प्राप्त हो गए। इस मौके पर रामाभिराम सेवा संस्थान के अध्यक्ष अमित झां, मंत्री कृष्णमूर्ति, कोषाध्यक्ष आरपी द्विवेदी, डॉ. केएन मिश्रा, शत्रुघ्न मिश्रा, दीपशिखा, राजेश पांडे, शिवकुमार मिश्रा, रजितराम मिश्र मौजूद रहे।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें