जैसे-जैसे डेडलाइन पास आ रही है, पोर्टल पर ट्रैफिक का दबाव अत्यधिक बढ़ गया है। इसके चलते आधार वेरिफिकेशन, फॉर्म 26एएस, वार्षिक सूचना विवरण और करदाता सूचना सारांश डाउनलोड करने में गंभीर समस्याएं आ रही हैं, जिससे रिटर्न दाखिल करने की पूरी प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित हो गई है।
आधार OTP और फॉर्म 26AS डाउनलोड करने में आ रही बड़ी अड़चन
टैक्स प्रोफेशनल्स और सीए के अनुसार, ई-फाइलिंग पोर्टल पर सबसे बड़ी समस्या वेरिफिकेशन के दौरान आ रही है। आधार से जुड़ा ओटीपी करदाताओं के मोबाइल नंबर पर तो प्राप्त हो रहा है, लेकिन पोर्टल उसे स्वीकार नहीं कर रहा है और एरर शो कर रहा है।
इसके अलावा रिटर्न दाखिल करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज माने जाने वाले फॉर्म 26एएस, एआईएस और टीआईएस को देखने या डाउनलोड करने में भी घंटों का समय लग रहा है। कई बार डेटा पूरी तरह से लोड ही नहीं हो पा रहा है, जिससे करदाता अपना सही टैक्स कैलकुलेशन नहीं कर पा रहे हैं।
भारी ट्रैफिक से स्लो हुआ सर्वर, ई-वेरिफिकेशन में हो रही देरी
पोर्टल पर अचानक बढ़े ट्रैफिक के कारण सर्वर बेहद धीमा हो गया है। कई बार यूजर्स का लॉगिन ही नहीं हो पाता और यदि लॉगिन हो भी जाता है तो प्रक्रिया के बीच में ही 'सेशन एक्सपायर्ड' का मैसेज आ जाता है।
इससे करदाताओं द्वारा भरा गया डेटा गायब हो जाता है और उन्हें शुरुआत से पूरी प्रक्रिया दोबारा करनी पड़ती है। रिटर्न सबमिट करने और उसके बाद ई-वेरिफिकेशन की प्रक्रिया में भी भारी देरी का सामना करना पड़ रहा है। करदाताओं और टैक्स विशेषज्ञों ने वित्त मंत्रालय और आयकर विभाग से पोर्टल की कमियों को तत्काल दूर करने या आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की है।