इटावा। पूर्ति विभाग में राशनकार्ड में नाम जुड़वाना व कटवाना आसान नहीं है। इस विभाग के कई उपभोक्ता आवेदन करने के बाद भी विभाग के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग तहसील व पूर्ति विभाग के दफ्तरों के चक्कर काटते नजर आते हैं, लेकिन विभाग की ओर से उन्हें आश्वासन के सिवा कुछ हासिल नहीं होता।
वर्तमान में जिले में 2,90,838 राशन कार्ड धारक हैं, जिनमें 11,51,651 उपभोक्ता सरकार की मुफ्त राशन योजना का लाभ ले रहे हैं। इनमें से 10,11,688 पात्र गृहस्थी व 1,39,963 उपभोक्ता अंतोदय के शामिल हैं। जिला पूर्ति विभाग की ओर से अंत्योदय कार्ड धारकों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत इनको मुफ्त गेहूं, चावल आदि का आवंटन किया जाता है। कई परिवारों में बेटियों की शादी हो जाने के कारण उनके नाम कार्ड से काटे जाने व कुछ के बच्चे अलग हो जाने के कारण बेटों का कार्ड जारी करवाए जाने को विभाग के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन विभाग न तो नाम काटने पर ध्यान दे रहा है और न ही नए कार्ड जारी करने की ओर ध्यान दिया जा रहा है।
1-अड्डा पल्टू निवासी राजकुमारी ने बताया कि उनके बच्चों के नाम आधार कार्ड में जुड़ना है, कई बार विभाग के चक्कर लगाए, लेकिन समाधान नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि मंगलवार को सभासद को भी शिकायती पत्र दिया है, शायद समाधान हो जाए।
2- चकरनगर निवासी सुमन ने बताया कि वह बीते कई माह से राशन कार्ड बनवाने के लिए तहसील के चक्कर लगा रहीं है। अधिकारियों की ओर से ऑनलाइन आवेदन को जमा करवा लिया जाता है, लेकिन राशन कार्ड अभी तक नहीं बन सका है। कब तक बनेगा यह भी कोई नहीं बताता है।
विभाग के पास आने वाली शिकायतों का निस्तारण लगातार किया जा रहा है। इसके साथ ही सत्यापन का कार्य भी चल रहा है, इस दौरान अपात्र मिलने पर उनके स्थान पर ही नए राशन कार्ड जारी कर दिए जाते हैं। प्रयास यही है कि जिले के प्रत्येक पात्र व्यक्ति का राशन कार्ड जारी किया जा सके, इसके लिए सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
सीमा त्रिपाठी, जिला पूर्ति अधिकारी