आईटी हब स्थापना के लिए काफी समय से हो रहा था विचार
इस संबंध में प्रमुख तकनीकी संस्थानों की विशेषज्ञों से भी मशविरा किया जाएगा। रोबोटिक और ड्रोन टेक्नोलॉजी से युवाओं को जोड़कर उन्हें प्रशिक्षित कर आसपास ही रोजगार देने की प्रक्रिया को लेकर इस तरह के प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। इसे लेकर शासन स्तर के अधिकारियों के साथ मैं बैठक कर चुका हूं। बता दें कि महानगर में आईटी हब की स्थापना के लिए काफी समय से विचार चल रहा था।
किसी वजह से आगे नहीं बढ़ पाया प्रोजेक्ट
करीब 15 साल पहले महानगर में स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एसईजेड) यानी विशेष आर्थिक जोन बनाए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। उसके लिए आईआईटी के पास शिवली क्षेत्र में जमीन भी देखी गई थी, लेकिन वह प्रोजेक्ट किसी वजह से आगे नहीं बढ़ पाया। अब चर्चा चल रही है कि यदि एसईजेड के लिए देखी गई जमीन यदि आईटी हब के लिए मुफीद होगी, तो उसका भी प्रयोग किया जा सकता है।
बैठक में ये लोग होंगे शामिल
इसके अलावा ड्रोन व रोबोटिक क्षेत्र से जुड़े आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों के साथ जल्द भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल व पार्टी के आईटी प्रदेश कोऑर्डिनेटर के साथ बैठक होगी। बैठक में आईआईटी इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ड्रोन्स एंड रोबोटिक के विशेषज्ञ प्रो. सौम्य रंजन साहू, प्रो. प्रबोध बाजपेई, प्रो. विपुल अरोरा, डीन आईआईटी प्रो. अमेय करकरे शामिल होंगे।
शहर के आसपास तलाशी जा रही जमीन
क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल ने बताया कि आईटी हब के लिए शहर के आसपास जमीन की तलाश भी की जा रही है। इस संबंध में प्रदेश सरकार के माध्यम से यूपीसीडा और केडीए से भी विमर्श किया जाएगा। महानगर में आईटी हब के संदर्भ में बैठक करने के संबंध में केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद और प्रदेश कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार ने आने की बात कही है। उन्होंने आईआईटी और एचबीटीयू के विशेषज्ञों के माध्यम से इस प्रोजेक्ट के संबंध में एक प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा है, ताकि विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा सके।
इलेक्ट्रानिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर पर भी जोर
दो दिन पहले लखनऊ में प्रदेश सरकार के आईटी एंड इलेक्ट्रानिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इसमें बताया कि स्टार्टअप और इलेक्ट्रानिक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ में इलेक्ट्रानिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर बनाए जाएंगे। इसके तहत प्रदेश में नवाचार, उद्यमिता, स्टार्टअप को गति मिलेगी। इसके जरिये बड़ी संख्या में रोजगार का सृजन भी हो सकेगा।
आईटी हब बनना कानपुर के लिए अच्छी उपलब्धि है। इससे रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। रक्षा-प्रतिरक्षा उत्पादों में भी आईटी हब योगदान दे सकेगा। ड्रोन और रोबोट बनेंगे तो इनमें लगने वाले कलपुर्जों का निर्माण करने वाली नई कंपनियां तैयार हो सकेंगी। -सुनील वैश्य, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, आईआईए
आईटी हब बनने से ड्रोन और रोबोटिक्स की दिशा में काम कर रहीं कंपनियों को रिसर्च करने का मौका मिलेगा। हब में अलग-अलग तरह की कंपनियां आएंगी तो उनकी डिमांड के आधार पर प्रोडक्ट तैयार करने का मौका मिलेगा। इससे नए स्टार्टअप को फायदा मिलेगा। -प्रो. राबिन पोरवाल, कंप्यूटर साइंस विभाग