प्रदेश सरकार ने कानपुर के जाजमऊ की टेनरियों की तालाबंदी खोलने से पहले टेनरियों और गंगा को प्रदूषण से मुक्त रखने के लिए नई गाइडलाइन तैयार की है। इसे हरी झंडी देने के संबंध में पर्यावरण और प्रदूषण मंत्रालय की शासन स्तर पर एक बैठक शुक्रवार को लखनऊ में हुई। इसमें नई गाइड लाइन बनाने वाली कमेटी ने इसे शासन का सौंप दिया। अब इस गाइड लाइन पर दो स्तर से मंथन होने के बाद उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के चेयरमैन की संस्तुति के बाद जारी किया जाएगा।
शासन स्तर की कमेटी के जरिए बनाई गई नई गाइड लाइन में टेनरियों में मौजूद संसाधनों की नए सिरे से जांच की जाएगी। टेनरियों से निकलने वाले प्रदूषित पानी की मात्रा किस तरह से कम हो सकती है, इस पर विशेष जोर दिया गया है। जांच के दौरान टेनरियों में बिजली की खपत को भी देखा जाएगा। यदि टेनरी में निर्धारित क्षमता से अधिक बिजली की खपत हो रही है तो उस पर जुर्माने की कार्रवाई के साथ उसका लोड भी कम कराया जाएगा। बताया कि नई गाइड लाइन में करीब दस बिंदु रखे गए हैं।
इसकी निगरानी भी 24 घंटे की जाएगी। कहा जा रहा है कि कुछ टेनरियां स्थायी रूप से बंद भी हो सकती हैं। इस गाइडलाइन में गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए भी सभी उपाय किए गए हैं, ताकि सीवरेज और टेनरियों को पानी गंगा में न जाने पाए। फिलहाल पूरी गाइड लाइन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मेंबर सेक्रेटरी के पास संस्तुति के लिए भेजी गई है। इसके बाद बोर्ड चेयरमैन के जरिए इसे जारी किया जाएगा।