इस तरह चला था इमारतों पर बुलडोजर
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सरकार के लाख प्रयासों के बावजूद अफसर सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। कोई गड्ढ़े खोदकर जेब गर्म करता है तो कोई उन्ही गड्ढ़ों को बंद कर। यूपी के उन्नाव जिले में तो हद ही हो गई। मामले का खुलासा होने पर जिसने भी सुना वो हक्का बक्का रह गया। यहां खेल हुआ वो भी लाखों के मलबे का।
करीब डेढ़ साल पहले सड़कों के चौड़ीकरण और कचहरी रोड ओवर ब्रिज निर्माण के दौरान तोड़े गए मकानों से निकला लाखों का मलबा गायब हो गया। वर्तमान अध्यक्ष के सवाल पर महकमे में हड़कंप मच गया है। अफसर मलबा चोरी होने और फाइलें तलाशने का झांसा दे रहे हैं।
डेढ़ साल पहले शहर में कचहरी रोड रेलवे क्रासिंग पर ओवर ब्रिज निर्माण और गंदानाला से छोटा चौराहा तक मार्ग चौड़ीकरण के लिए नगर पालिका ने 150 से अधिक मकानों और दुकानों के अनाधिकृत हिस्सों पर बुलडोजर चलाया था।
यहां से निकला हजारों ट्राली मलबा नगर पालिका ने शहर के बैंक मैदान, पुराना अस्पताल, पुलिस लाइन, आवास विकास, सिंगरोसी सहित छह स्थानों पर डंप कराया था। मलबे में ईंट-पत्थर कंक्रीट के अलावा लोहा भी था। ट्रैक्टरों और डंपरों से दिन-रात मलबे को हटाने पर खर्च रकम की भरपाई इसी मलबे की नीलामी से मिलने वाले रुपयों से होनी थी।
कार्यभार गृहण करने के बाद नगर पालिका अध्यक्ष ऊषा कटियार ने नगर पालिका की संपत्तियों के साथ ही इस मलबे के सत्यापन के लिए टीम को भेजा। इस दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ। बताए गए स्थानों पर मलबा नहीं मिला। नगर पालिका अफसरों ने बताया कि मलबा चोरी हो गया है। जानकारी पर पता चला कि कर्मचारियों ने साठगांठ कर लाखों का मलबा बेच दिया।