विजयनगर चौराहे क पास फैली गंदगी
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कानपुर। शहर भर में जगह-जगह गंदगी है। 150 स्थानों पर खुले में कूड़ा फेंका जा रहा है। दुर्गंध के कारण यहां से निकलते समय सांस लेना भी दूभर हो जाता है। अभी 90 वार्डों में ही घरों से कूड़ा उठ पा रहा है। सार्वजनिक शौचालय तो हमेशा गंदे ही रहते हैं। वहीं, पांच दिवसीय दौरे से इस्राइल से लौटीं महापौर का कहना है कि आनंदेश्वर काॅरिडोर में इस्राइल की तर्ज पर मैकेनिकल तरीके से सफाई का संसाधन बढ़ाए जाएंगे।
शनिवार को नगर निगम मुख्यालय में उन्होंने बताया कि इस्राइल सफाई, स्वास्थ्य, यातायात के प्रति जागरूक हैं। वहां पॉलिथीन प्रतिबंधित है। खरीदारी के लिए लोग थैला लेकर बाजार जाते हैं। सड़क पर कूड़ा नहीं फेंकते।यदि किसी व्यक्ति को कूड़ा नजर आता है तो वह उसे उठाकर डस्टबिन में डालता है। गलियों की भी सफाई मशीनों से होती है। वहां मैकेनिकल स्वीपिंग होती है, उसी तरह के उपकरणों से यहां भी गलियों तक की सफाई कराने पर विचार-विमर्श किया जाएगा। उपकरण महंगे हैं, ऐसे में एक साल में आयात शुल्क घटने के बाद उपकरण लाने पर विचार किया जाएगा।
महापौर ने कहा कि इस्राइल में चौराहों पर यातायात सिपाही नहीं रहते। ट्रैफिक सिग्नल के साथ बूम बैरियर लगे हैं। बैरियर नीचे होते ही वाहन सवार रुक जाते हैं। दो-तीन मिनट में बैरियर ऊपर होने के बाद चौराहा पार करते हैं। वहां इस तरह के बैरियर दिखे, जो दोनों तरफ नुकीले होते हैं। यदि कोई जबरन उन्हें पार करने की कोशिश करेगा तो जख्मी होने का खतरा रहता है। वह उसी तरह के बैरियर ट्रायल के तौर पर आनंदेश्वर मंदिर के पास कॉरिडोर में लगवाएंगी। महापौर ने बताया कि वहां वह युद्ध प्रभावित गांव में गईं। वहां की त्रासदी देखी। किसानों से बात की तो पता चला कि वहां के ज्यादातर किसान जैतून के पेड़ लगाते हैं। ऐसी फसलों में मुनाफा ज्यादा होता है।