आईएसआईएस ने आतंकी सैफुल्ला का इतनी परफेक्ट ट्रेनिंग दी थी कि परिजनों के लाख गुहार लगाने के बाद भी उसने सरेंडर नहीं किया। फोन पर पिता, भाई, भाभियों ने अपनी और अल्लाह की लाख कसम दिलाई लेकिन सैफुल्ला का दिल नहीं पसीजा। उसने कहा कि आईएसआईएस के लिए शहादत देगा लेकिन सरेंडर नहीं करेगा। इसके बाद एटीएस ने सैफुल्ला को मार गिराया।
आतंकी सैफुल्ला के बड़े भाई खालिद ने बुधवार को बातचीत के दौरान बताया कि देर रात यूपी एटीएस ने एनकाउंटर से पहले फोन लाइन पर उसकी भाई से बात कराई थी। लखनऊ के काकोरी इलाके की हाजी कॉलोनी के जिस मकान में सैफुल्ला छिपा था। एटीएस ने उसकी छत का कुछ हिस्सा तोड़कर एक रस्सी के सहारे फोन को स्पीकर मोड में लेकर नीचे लटकाया और परिजनों से बात कराई। इस दौरान पिता सरताज, भाई खालिद, पिता और भाभियों ने अपनी और अल्लाह की कसम देते हुए सरेंडर करने की बात कही। परिजन गिड़गिड़ाते रहे कि बेटा अपने लिए नहीं हमारे लिए सरेंडर कर दो। इसके बाद भी सैफुल्ला नहीं माना और सरेंडर नहीं किया। इसके बाद एटीएस ने मुठभेड़ में मार गिराया।
आईएसआईएस ने सैफुल्ला का किया ब्रेन वॉश
परिजनों की मानें तो आईएसआईएस ने सैफुल्ला का ब्रेन वॉश कर दिया था। जबकि सैफुल्ला परिजनों की बात को कभी भी इतना इग्नोर नहीं करता था। पिता, भाई सभी के गिड़गिड़ाने के बाद भी उसे सिर्फ मरने और मारने की ही जिद सवार थी। उसे इसके अलावा कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था। इससे साफ होता है कि आईएसआईएस की ट्रेनिंग के बाद ही सैफुल्ला आतंकी संगठन के लिए काम कर रहा था। इतना परिपक्व होने के बाद ही सैफुल्ला ने पुलिस ने घंटो डटकर सामना किया।