पनकी में दो हिन्दू युवतियों से नाम बदलकर दोस्ती करने और धर्मांतरण न करने पर बंधक बनाने का मामला सामने आया है। इरशाद नाम के युवक ने 2018 में विशाल बनकर हरदोई की रहने वाली हिंदू धर्म की युवती से कोर्ट मैरिज की। इसके बाद उस पर धर्मांतरण का दबाव बनाया। शादी के बाद हुए बेटे के ढाई साल के होने पर उसका खतना कराने का प्रयास किया।
महिला के विरोध करने पर उसे बंधक बनाकर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। तीन साल पहले हिंदू धर्म की एक और युवती से शादी कर सात माह पहले उसे भी घर ले आया। यातनाएं झेल रही पहली पत्नी ने किसी तरह बजरंग दल से संपर्क किया। इसके बाद पुलिस ने दोनों महिलाओं और बच्चे को बंधन मुक्त कराया। इरशाद के खिलाफ धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम, बंधक बनाने और धमकाने की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।
मूलरूप से हरदोई निवासी महिला ने पुलिस को बताया कि 2017 में सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से विशाल से बातचीत हुई। उसने खुद को हिंदू बताया। दोनों की ऑनलाइन दोस्ती प्यार में बदल गई। इस दौरान विशाल ने शादी का प्रस्ताव रखा। वर्ष 2018 में हरदोई में माता-पिता की मर्जी के खिलाफ जाकर भागकर शहर आ गई। यहां कोर्ट मैरिज करने के दौरान दस्तावेज जमा कर रही थी तब पता चला कि विशाल का असली नाम आगरा के लोहामंडी, खातीपाड़ा निवासी इरशाद खां हैं। महिला के अनुसार परिजन को बिना बताए घर से निकल आने के कारण उस वक्त मजबूरीवश शादी कर ली।
पीड़िता के अनुसार इरशाद के व्यवहार में परिवर्तन आ गया। वह पूजा-पाठ करने से रोकने लगा। जबरन मांस खिलाने का प्रयास करता। विरोध पर पीटना शुरू कर दिया। कई बार धर्मांतरण का प्रयास किया। इसी बीच दोनों के एक बेटा हुआ जिसका नाम आदि रखना चाहा लेकिन इरशाद ने जबरन उसका नाम आरिस रख दिया। बच्चा ढाई साल का हुआ तो खतना करवाने का प्रयास किया। विरोध करने पर बच्चे के साथ एक कमरे में बंद कर दिया।
आरोप है कि सात माह पहले इरशाद एक दूसरी युवती को घर ले आया। इसके बाद यातनाएं और बढ़ गईं। दूसरी युवती भी छह माह की गर्भवती है। पनकी इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने बताया कि सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो एक कमरे में महिला और उसका बच्चा जबकि दूसरे कमरे में एक युवती और इरशाद मिला। पुलिस दोनों महिलाओं और बच्चे को लेकर थाने आई। इरशाद को गिरफ्तार किया गया है।
दूसरी युवती से इंटरव्यू में हुई मुलाकात
पनकी इंस्पेक्टर ने बताया कि दूसरी युवती ने पूछताछ में बताया कि वह मूलरूप से उन्नाव की रहने वाली है। तीन साल पहले वह किदवईनगर स्थित एक कंपनी के ऑफिस में इंटरव्यू देने आई थी। वहीं पर उसकी मुलाकात विशाल उर्फ इरशाद से हुई। दोस्ती के बाद दोनों ने डेढ़ साल पहले शादी कर ली। तब उसके मुस्लिम और शादीशुदा होने की जानकारी नहीं थी। सात महीने पहले इरशाद उसे लेकर पनकी में रहने आया।