कानपुर देहात। सरकारी एंबुलेंस सेवा 102 व 108 में फर्जी फेरे लगाने की शिकायत पर कराई गई जांच में अनियमितता सामने आई है। जिलाधिकारी ने सभी तहसीलों के एसडीएम व प्रभारी चिकित्साधिकारियों की संयुक्त टीम से कराई गई जांच में मिली गड़बड़ी पर प्राथमिकी दर्ज कराने के साथ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी कपिल सिंह से एक शिकायतकर्ता द्वारा 102 एवं 108 एंबुलेंस सेवा में फर्जी ट्रिप से संबंधित गंभीर शिकायत की गई थी। मामले में जिलाधिकारी ने सभी तहसील के एसडीएम और प्रभारी चिकित्साअधिकारियों की संयुक्त टीम का गठन कर प्रकरण की जांच कराई। जांच में एंबुलेंस सेवा के संचालन में अनियमितताएं मिलीं। कई स्वास्थ्य केंद्रों में लाए गए मरीजों के रिकार्ड से मरीजों के दर्ज नाम, नंबर से मिलान नहीं हो सका। कई मरीजों से संपर्क नहीं हो सका। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने सीएमओ को निर्देशित किया है कि जनपद में संचालित 102 एवं 108 एंबुलेंस सेवा के अंतर्गत पाई गई अनियमितताओं के लिए दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं संबंधित संस्था के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने एक सप्ताह में इसकी रिपोर्ट मांगी है।
बता दें कि सरकारी एंबुलेंस 102 और 108 से अस्पतालों में लाए गए मरीजों का सितंबर 2025 में सत्यापन कराया गया था। रिकार्ड के अनुसार एंबुलेंस से पहुंचाए गए सभी मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर स्वास्थ्य सेवा दिए जाने का दावा किया गया। इधर रिकार्ड खंगाले पर जो नंबर रिकार्ड में दर्ज थे उनसे संपर्क नहीं हो सका। सरवनखेड़ा सीएचसी में लाए गए मरीजों ने एंबुलेंस बुलाने के लिए एक ही नंबर का प्रयोग किया। हालांकि इसकी रिपोर्ट सीएमओ ने पूर्व में स्वास्थ्य निदेशालय को भेज दी थी। इसी बीच एंबुेलेंस सेवा में फर्जी फेरे लगाने का आरोप लगा शिकायत की गई थी। इसकी तहसील स्तर से जांच चल रही थी।
........................
ऐसे पकड़ में आया था मामला
सितंबर माह में सरवनखेड़ा पीएचसी में पहुंचाए गए मरीजों का सत्यापन हुआ तो रिकार्ड में कई मरीजों से दिए गए नंबरों पर संपर्क नहीं हो सका था। वहीं, 42 मरीज ऐसे निकल सामने आएं हैं, जिन्होंने एक ही नंबर से कॉल कर सेवाएं ली गई। इतना ही नहीं कुछ नंबर ऐसे दर्ज हैं जो सेवा में नहीं हैं और बंद जाते रहे। इससे दी गई सेवा में गड़बड़ी की आशंका दिखी थी। वहीं, अन्य अस्पतालों में दी गई सेवा गहनता से सत्यापन हुआ तो संदलपुर सीएचसी में कई मरीज ऐसे निकल कर आए, जिनके संपर्क करने पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी थी।
.........................
वर्जन.....
शिकायत मिलने पर मेरे द्वारा एसडीएम व मेडिकल ऑफीसरों की संयुक्त टीम गठित कर जांच कराई थी। इसमें कुछ कमियां नजर आई हैं। सीएमओ को संबंधित एजेंसी, शिथिलता बरतने में संबंधित प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए प्रतिकूल प्रवृष्टि देने के साथ एक सप्ताह के अंदर एफआईआर कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही इसकी रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव चिकित्सा को भी भेजी है। - कपिल सिंह, जिलाधिकारी
......................
बयान...
एंबुलेंस सेवा के तहत लगाए फेरे की एसडीएम व चिकित्साधिकारी की संयुक्त टीम जांच कर रही थी। कुछ जगह दिए गए नंबरों से संपर्क न होने की बात सामने आई है। जिलाधिकारी के आदेश मिलने पर आगे की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। - डॉ. एके सिंह, सीएमओ