केडीए ने अनियमित कॉलोनियों का गूगल मैप तैयार करवाना शुरू कर दिया है। केडीए के लिए लैंड ऑडिट कर रही कंपनी पीसीएस मैनेजमेंट कंसलटेंसी प्राइवेट लिमिटेड को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
कंपनी गूगल मैप से शहर की अनधिकृत कॉलोनियों की सेटेलाइट इमेज (उपग्रह से खींची तस्वीर) खींच रही है। यह तस्वीर भविष्य में कॉलोनी के नक्शे के रूप में काम करेगी। इसके जरिये अनधिकृत कॉलोनी में हुए निर्माणों का पता चल सकेगा।
डेमो पिक
प्रदेश भर में बिना लेआउट स्वीकृत कराए हजारों की संख्या में अनधिकृत कॉलोनियां बना दी गई हैं। केडीए के विकास क्षेत्र में भी 152 अनधिकृत कॉलोनियां चिह्नित की गई हैं।
ऐसी अधिकतर कॉलोनियों में सड़क, बिजली, पानी, सीवर आदि मूलभूत सुविधाएं या तो हैं नहीं या फिर मानकों के अनुरूप नहीं हैं। इसके चलते इन कॉलोनियों में रहने वाले मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। इनकी रोकथाम के लिए प्रदेश सरकार ने कवायद शुरू की है।
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प्रमुख सचिव (आवास) नितिन रमेश गोकर्ण ने एक मई 2016 तक बसी प्रदेश की सभी अनधिकृत कॉलोनियों का गूगल मैप तैयार करवाने के आदेश दिए हैं। इसकी एक प्रति सील कर रख ली जाएगी। समय-समय पर कॉलोनी की वर्तमान तस्वीर का मिलान सुरक्षित रखे गए गूगल मैप की प्रति से किया जाएगा। इससे पता चलेगा कि किस कॉलोनी में क्या नया निर्माण हुआ है।
नए निर्माण के लिए जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। केडीए वीसी सौम्या अग्रवाल के मुताबिक अनधिकृत कॉलोनियों की गूगल मैप से तस्वीर बनवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अनधिकृत रूप से काटी जा रही कॉलोनियों पर अंकुश लगाने के लिए अभियान भी लगातार जारी है।