कानपुर में जाजमऊ आगजनी से संबंधित मुकदमे की सुनवाई कर रहे एमपीएमएलए सेशन कोर्ट के विशेष न्यायाधीश सत्येंद्र नाथ त्रिपाठी के छुट्टी पर होने के कारण मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज एससीएसटी एक्ट विकास गोयल ने की। डीजीसी दिलीप अवस्थी ने बताया कि कोर्ट ने फैसले के लिए 22 मार्च की तारीख नियत कर दी। इस दौरान मुकदमे के सभी आरोपी इरफान सोलंकी, रिजवान सोलंकी, शौकत अली, इसराइल आटे वाला व मो. शरीफ कोर्ट में मौजूद रहे। शरीफ जमानत पर जेल से बाहर है जबकि बाकी चारों आरोपी जेल में बंद हैं।
आचार संहिता उल्लंघन मामले में भी फैसला टला
आचार संहिता उल्लंघन मामले में भी एमपीएमएलए लोअर कोर्ट को मंगलवार को फैसला सुनाना था, लेकिन अभियोजन की ओर से एक गवाह को पेश करने संबंधी याचिका हाईकोर्ट में लंबित होने के कारण कोर्ट ने फैसला फिलहाल टाल दिया है। मामले में चार अप्रैल की तारीख नियत की गई है। अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि कर्नलगंज थाने में वर्ष 2017 में चुनाव के दौरान हैंडपंप लगाए जाने के मामले में इरफान, सपा उपाध्यक्ष रहे बंटी सेंगर व सीसामऊ से सयुस अध्यक्ष रहे रोहित वर्मा उर्फ मोंटी आरोपी हैं। अभियोजन की ओर से अर्जी देकर हाईकोर्ट में लंबित याचिका निस्तारित होने तक फैसला न सुनाने की मांग की गई थी। अर्जी के साथ हाईकोर्ट में दाखिल याचिका की स्टेटस रिपोर्ट भी दाखिल की गई थी। डीजीसी ने बताया कि हाईकोर्ट में याचिका पर अगली सुनवाई 16 अप्रैल को होनी है।
धार्मिक पुस्तक लेकर कोर्ट पहुंचे इरफान
महराजगंज जेल में बंद सपा विधायक इरफान सोलंकी को कड़ी सुरक्षा में लगभग 12 बजे कानपुर लाया गया। इरफान अपने हाथ में धार्मिक पुस्तक भी लिए थे। पुलिस वैन से उतरते वक्त उन्होंने उसे माथे से लगाया और लोगों का अभिवादन किया। बोले, दुआओं में याद रखना। पेशी के दौरान इरफान की पत्नी नसीम, बेटा मुस्तफा, बेटी जारा और जाबिया भी कोर्ट पहुंची थीं। पेशी पर जाते वक्त इरफान ने बेटे-बेटियों को गले लगाया तो उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े। वहीं लगभग साढ़े दस बजे ही कानपुर जेल से रिजवान को कचहरी लाया गया था। रिजवान ने कहा कि हम दोनों भाई ही नहीं हम सब बेगुनाह हैं, हम पर कितने भी आरोप लगा दिए जाएं, ऊपरवाला सब जानता है। न्यायालय हमको इंसाफ देगा।