हिंदी माध्यम के हैं तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि ज्ञान की कमी है। ज्ञान के मामले में तो किसी को भी टक्कर दे सकते हैं। ज्ञान अर्जित करने में भाषा कभी बाधक नहीं बन सकती। यह कहना है वर्ष-2018 बैच के आईपीएस अनिरुद्ध सिंह का। उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा में हिंदी माध्यम अपनाकर 146वीं रैंक हासिल की थी।
कहते हैं कि अपने भावों को प्रस्तुत करना हिंदी में काफी सहज लगा। बचपन से लेकर आज तक हर कदम पर मेरा मान बढ़ाया। बचपन से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तक हिंदी भाषा का साथ लेकर आगे बढ़ा। अपनी भाषा को लेकर कभी हीन भावना ने नहीं घेरा। बचपन से गुरुओं ने सिखाया था कि भाषा ज्ञान की मोहताज नहीं होती।