पूर्व बसपा नेता पिंटू सेंगर हत्याकांड
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पुलिस विभाग में जांच के नाम पर पुलिसकर्मियों के कारनामों पर पर्दा डाला जा रहा है। जब भी खाकी पर आरोप लगता है, तुरंत जांच के आदेश होते हैं। हालांकि बाद में कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली जाती है। कुल मिलाकर जांच पुलिसकर्मियों के बचाव का शस्त्र बनकर रह गया है। यही वजह है कि एसपी पूर्वी से लेकर कई पुलिसकर्मियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
एसपी और इंस्पेक्टरों पर बैठी जांच दरकिनार
पिंटू सेंगर हत्याकांड में मुख्य आरोपी मनोज गुप्ता और वीरेंद्र पाल को निर्दोष बताना व महफूज अख्तर का नाम केस से बाहर निकालने पर जांच के आदेश हुए थे। जांच एसपी पश्चिम को सौंपी गई थी, जिसमें दो इंस्पेक्टरों रवि कुमार श्रीवास्तव व रामकुमार गुप्ता की भूमिका जांची जानी है।