आज विश्व युवा कौशल दिवस है। हम आपको बताएंगे युवाओं के कौशल यानी रोजगार से जुड़ी जरूरी जानकारी। साथ ही युवाओं में तेजी से बढ़ रही बेरोजगारी की समस्या का आइना भी दिखाएंगे।
पढ़िए एक खास रिपोर्ट,,,,
वर्तमान में वयस्क की तुलना में युवाओं के बेरोजगारी की सम्भावना लगभग तीन गुना अधिक है। यह ग्राफ दिनोदिन तेजी से बढ़ता ही जा रहा है। आज का युवा अपनी क्षमता के कमतर रोजगार करने पर मजबूर है। इसका बड़ा कारण है उनके लिए समय पर उचित रोजगार मुहैया न होना।
युवा किसी भी समाज के लिए रीढ़ की हड्डी होता है। ऐसे में उनके सामने रोजगार का संकट चिंतनीय है। इसी संकट से लोगों को रूबरू कराने के लिए यूएस में संयुक्त राष्ट्र ने वर्ल्ड यूथ स्किल्स डे मनाने का निर्णय लिया |
श्रीलंका द्वारा 15 जुलाई को विश्व युवा कौशल दिवस के रूप में घोषित किया गया। 18 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सबकी सहमति से इसे एक दिवस के रूप में अपनाया। इस दौरान संयुक्त राष्ट्र की जनरल असेम्बली ने प्रतिवर्ष 15 जुलाई को वर्ल्ड युवा कौशल डे के रूप मे मनाने का एलान किया है। तब से लेकर प्रत्येक वर्ष इस साल को मनाया जाता है।
युवाओं को देश का स्तम्भ कहा गया है। जिन युवओं के दम पर हम भविष्य की मजबूत इमारत की आस लगाए बैठे हैं, उसकी नींव की हालत बेहद निराशाजनक है। यह देश का ऐसा भयावय सच है। इक्कसवीं सदीं की बात करें तो भारत विश्व का दूसरा देश है जो बेरोजगारी के आंकड़ोंं में सबसे अघिक है। संयुक्त राष्ट्र के अंन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की वर्ल्ड एम्लाइमेंट एण्ड आउट बुक की रिपोर्ट बेहद चिंताजनक है। रिपोर्ट के अनुसार 2015–2016 के दौरान बेरोजगारी दर बढ़कर पांच फीसदी तक पहुंच गई है। यह समस्या वर्ष दर वर्ष बढ़ती जा रही है।
देश में बेरोजगारी की दर कम किए बिना विकास का दावा करना उसी प्रकार होगा, जिस प्रकार नींदों में शेखी बटोरना। सरकार को देश के विभिन्न क्षेत्रों में नए प्रयोग करने के साथ उनमें विस्तार करने की जरूरत है। ताकि नए पदों का सृजन किया जा सके और देश के युवाओं की कौशलता को अधिक बढ़ाया जा सके।