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सीएसए कुलपति के खिलाफ जांच

Sat, 07 Feb 2015 03:23 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
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चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए विवि) में शिक्षकों की सीधी भर्ती, प्रमोशन का ठेका लेने वाली ‘मैडम’ और कुलपति प्रो. मुन्ना सिंह पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर राज्यपाल राम नाईक ने शुक्रवार को तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है।
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जांच कमेटी के अध्यक्ष इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश एसके त्रिपाठी हैं। बांदा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो मिल्खा सिंह औलख और फैजाबाद कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अख्तर हसीब को भी जांच कमेटी का सदस्य बनाया गया है।

इस कमेटी को एक महीने के अंदर जांच रिपोर्ट देनी है। इसके साथ ही राज्यपाल ने नियुक्ति से संबंधित कुलपति के पॉवर सीज कर दिए हैं। राज्यपाल ने कहा है उनके अगले आदेशों तक नियुक्ति पर रोक रहेगी।
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बता दें कि भ्रष्टाचार के इस मामले का खुलासा ‘अमर उजाला’ ने ही किया था। ‘अमर उजाला’ में लगातार कई खुलासे के बाद खबरों की कटिंग लगाकर राज्यपाल से शिकायत की गई थी।

कृषि विश्वविद्यालय में 75 शिक्षकों की सीधी भर्ती और प्रमोशन के इंटरव्यू 12-30 दिसंबर 2014 के बीच कराए गए थे। इसी बीच मानदेय शिक्षक रहे डॉ. प्रभाकांत मिश्रा ने वॉयस रिकार्डिंग का सीडी बम फोड़ दिया।

राज्यपाल राम नाईक को सीडी देकर प्रभाकांत ने आरोप लगाया कि शिक्षकों की भर्ती, प्रमोशन में जमकर भ्रष्टाचार किया गया है। टोकन मनी के तौर पर 10-10 लाख रुपये वसूले गए हैं। इसकी रिकार्डिंग भी है, जिसमें एक ‘मैडम’ कृषि विश्वविद्यालय में भर्ती का ठेका ले रही हैं।

मैडम और प्रभाकांत के बीच की यह बातचीत 6 मई 2014 की है। इसकी कॉल डिटेल भी प्रभाकांत ने निकाली है। अपने मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल से प्रभाकांत ने यह साबित किया है कि मैडम ने कुलपति प्रो. मुन्ना सिंह के आवास पर लगे बेसिक टेलीफोन से ही उन्हें फोन किया था और भर्ती के लिए पैसे की बात की थी।

इस मामले की शिकायत कुछ पूर्व सांसद, मंत्री, शिक्षक और व्यक्तियों ने की थी। इसको लेकर राज्यपाल ने इंटरव्यू के रिजल्ट जारी करने और 31 दिसंबर को प्रस्तावित बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट (बीओएम) की मीटिंग स्थगित कर दी थी।

राज्यपाल इस मामले की खुद समीक्षा कर रहे थे। शिकायत में कुछ तथ्य मिलने के बाद ही राज्यपाल ने शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में कमेटी गठित करके चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुन्ना सिंह के खिलाफ जांच के आदेश जारी कर दिए।

राजभवन के सहायक निदेशक सूचना अंजुम नकवी ने बताया कि पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली जांच कमेटी एक महीने के अंदर रिपोर्ट देगी। राज्यपाल ने शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक भी लगाई है।
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