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हैलट से घायल को बैराज पर फेंका

Thu, 16 Jul 2015 01:46 AM IST
अमर उजाला, कानपुर
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हैलट में हैवानियत की हदें पार करते हुए कर्मचारियों ने एक घायल महिला को वार्ड से उठाकर एंबुलेंस से ले जाकर गंगा बैराज पर फेंक दिया। लावारिस और मानसिक रूप से कमजोर इस महिला की दवा-पट्टी, साफ-सफाई से बचने के लिए कर्मचारियों ने यह शर्मनाक हरकत की।
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और तो और बुधवार सुबह घायल युवती को नवाबगंज पुलिस लेकर हैलट पहुंची तो पांच घंटे तक उसे भर्ती ही नहीं किया गया। हैलट के डॉक्टर और अफसर पुलिस वालों को टरकाते रहे। हार कर पुलिस वालों ने सीएमओ को सूचना दी। सीएमओ ने हैलट के सीएमएस से बात की तब जाकर उसे भर्ती किया गया।

पांच जुलाई की रात करीब साढ़े नौ बजे जीआरपी इस युवती (30) को लेकर हैलट पहुंची थी। युवती के बाएं पैर की चार अंगुलियां कट गई थीं। जीआरपी के सिपाही ने बताया था कि युवती ट्रेन से गिर गई थी। हालांकि युवती ने कहा था कि उसे ट्रेन से धक्का दिया गया था।
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वह खुद को बिहार के बेगुसराय का निवासी बता रही थी। बार-बार पूछने के बाद भी युवती ने अपना नाम नहीं बताया तो हड्डी रोग विभाग में डॉ. जीके सेंगर की यूनिट में उसे अज्ञात के रूप में भर्ती किया गया। युवती के पैर का ऑपरेशन हुआ और उसे वार्ड नंबर आठ के बेड नंबर 35 पर भर्ती करा दिया गया। तब से युवती वहीं भर्ती थी।

हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. एके गुप्ता ने कहा कि वार्डों में भर्ती मरीजों की निगरानी की कोई व्यवस्था नहीं है। युवती वार्ड में भर्ती थी और ज्यादातर समय नीचे फर्श पर बैठी रहती थी।

वह खुद कहीं चली गई होगी, इसमें अस्पताल प्रशासन क्या कर सकता है। यह पूछने पर कि जब युवती के पैर का ऑपरेशन हुआ है, वह चलने-फिरने के लायक नहीं है तो खुद गंगा बैराज तक कैसे चली गई होगी तो डॉ. गुप्ता ने कहा कि वह इस बारे में कुछ नहीं कह सकते हैं। कर्मचारियों द्वारा युवती को फेंकने के सवाल पर डॉ. गुप्ता ने कहा कि यदि कोई शिकायत आएगी तो जांच कराई जाएगी।

मामले में डीएम डॉ. रोशन जैकब का कहना है कि नगरलड़कियों की सुरक्षा को लेकर प्रदेश सरकार गंभीर
है। ऐसे में डॉक्टरों की यह लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच में जो दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गरीबों के नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था है, इससे मेडिकल कॉलेज या हैलट प्रशासन नहीं बच सकता है।
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