पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था
तीन आरोपियों धर्मेंद्र यादव, नंदू दुबे और आयुष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। धर्मेंद्र को निलंबित भी कर दिया गया है। बुधवार को चौथे आरोपी वशाब को दलहन चौराहे के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार वशाब गैंग बनाकर इलाके में मारपीट करता है। वशाब ने पेशाब करने के बाद अपने दोस्तों को वीडियो कॉलिंग कर दिखाया भी था।
खुद पर हुए हमले में केवल दो आरोपियों की गिरफ्तारी से नाराज था आरोपी
सिपाही के बेटे हिमांशु यादव पर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने जमुना ठाकुर, अनुज तिवारी, बंटी तिवारी, शांतनु यादव, आयुष द्विवेदी, छोटू भदौरिया सहित 10 के खिलाफ बलवा हत्या के प्रयास में रिपोर्ट दर्ज की थी। इसमें जमुना ठाकुर और बंटी तिवारी को ही जेल भेजा था। आयुष द्विवेदी, छोटू भदौरिया सहित अन्य आरोपी खुलेआम घूम रहे थे। सूत्रों के अनुसार इसी खुन्नस में सनी ने बदला लेने के लिए वारदात को अंजाम दिया।
आयुष के दोस्त का दो दिन पहले फोड़ा था सिर
आयुष द्विवेदी को पीटने के आरोपी नंदू दुबे ने इस घटना से दो दिन पहले उसके दोस्त अखिल का सिर फोड़ दिया था। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने नंदू दुबे उसके साथी हर्ष चतुर्वेदी, संग्राम ठाकुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। अखिल भी आयुष द्विवेदी का परिचित था। इसलिए हिमांशु ने लड़के लगवाकर उस पर हमला कराया।
एलआईयू सिपाही ने लिखी थी वारदात की पूरी स्क्रिप्ट
एलआईयू सिपाही धर्मेंद्र यादव ने इसकी स्क्रिप्ट लिखी और उसके बेटे ने अपने दोस्तों के साथ वारदात को अंजाम दिया। उनकी प्लानिंग के तहत ही लड़की के जरिए आयुष को मिलने के लिए बुलवाया। फिर हिमांशु यादव ने बदला लेने के लिए हैवानियत की सभी हदें पार कर दी। मारपीट करने के साथ ही उसके साथियों ने उसके चेहरे पर पेशाब कर दिया।
सिपाही समेत सभी पर गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई
जख्मों पर नमक छिड़का और कुकर्म का प्रयास किया था। इसके बाद खुद ही पुलिस को सूचना देकर उसे गिरफ्तार करवाने की कोशिश की, लेकिन मामला इतना बढ़ गया कि सिपाही का दांव उल्टा पड़ गया। युवकों ने आवेश में इतना पीट दिया कि आरोपी खुद ही पीड़ित हो गया और सिपाही समेत सभी पर गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई।