कानपुर देहात। संचारी रोगों पर रोकथाम के लिए चूहा व छछूंदर पर नियंत्रण जरूरी है। इसके लिए एक से 31 मार्च तक अभियान चलाया जाएगा। शासन ने इसकी जिम्मेदारी कृषि विभाग को दी है। 81 विभागीय अधिकारी व कर्मचारी घर से लेकर खेतों तक चूहे व छछूंदर पर नियंत्रण करेंगे।
शासन ने माना है कि वेक्टर जनित रोग जेई व एईएस के संचार में चूहों व छछूंदर की भी भूमिका है। लिहाजा इन पर नियंत्रण कर संचारी रोग का फैलाव रोका जा सकता है। शासन ने इसके लिए 31 मार्च तक अभियान चलाने का निर्देश कृषि विभाग को दिया है। इसके तहत कृषि विभाग जनसहभागिता के जरिये क्षेत्रीय कर्मचारियों की टीम बनाकर गांवों में प्रचार प्रसार करेगा। इसके साथ ही चूहों व छछूंदर को नियंत्रित करने का भी काम करेगा।
उपकृषि निदेशक विनोद कुमार यादव ने बताया कि संचारी रोग जेई व एईएस की रोकथाम के लिए चूहों व छछूंदर को नियंत्रित करने को कृषि विभाग खेतों और मेड़ों पर बने बिल आदि को बंद करेगा। इसके अलावा चूहों को चूहेदानी में पकड़कर मारने के बाद जमीन में गाड़ा जाएगा। विभाग चूहों और छछूंदर को मारने के लिए ब्रोमोडियोलान के बने चारे की 0.005 प्रतिशत मात्रा की गोली या जिंक फास्फाइड की मात्रा को एक ग्राम सरसों के तेल व 48 ग्राम भुने चने, गेहूं, चावल आदि में मिलाकर बिलों में डालने का काम करेगा।
इसके लिए प्रयोग में आने वाले रसायनों को कृषि विभाग की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा। बताया कि अभियान के लिए ब्लाक स्तर पर तहसील के उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी इसकी मानीटरिंग करेंगे।