तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच मलेरिया खतरनाक हो गया है। मलेरिया के तीन गंभीर मरीजों को हैलट आईसीयू में भर्ती कराया गया है। इनमें से एक मरीज सेरिब्रल मलेरिया का है। खास बात यह है कि इस बार मलेरिया के मरीजों के फेफड़े भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है। उधर, बुधवार को डेंगू के 15 और संदिग्ध मरीजों के खून के नमूनों को जांच के लिए भेजा गया।
कानपुर जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के हेड डॉ. प्रेम सिंह ने बताया कि मलेरिया के तीन गंभीर मरीजों का आईसीयू में इलाज चल रहा है। इनमें से दो मरीजों में संक्रमण बढ़ने के साथ फेफड़ों में भी दिक्कत होने लगी है। दरअसल, रोगाणुओं में जीन म्यूटेशन होते रहते हैं। इसकी वजह से रोग के लक्षण बदलते रहते हैं। इस बार मलेरिया फेफड़ों को भी प्रभावित कर रहा है। इसके लिए अलग से दवाइयां देनी पड़ रही हैं। तीसरा मरीज सेरेब्ररल मलेरिया का है। इनमें से एक मरीज शहर का है, जबकि दो अन्य दूसरे जिलों से आए हैं। अस्पताल के ओपीडी में आए मरीजों में वायरल सहित विभिन्न तरह के बुखार के मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा थी। इनमें से कई मरीजों में डेंगू जैसे लक्षण मिले।
उधर, मेडिकल कालेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में हैलट, उर्सला और निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे 15 मरीजों के खून के नमूने डेंगू की जांच के लिए दिए गए। इस सभी मरीजों में डेंगू जैसे लक्षण हैं। मेडिकल कालेज के डॉ. विशाल गुप्ता ने कहा कि इस मौसम में मच्छरों से बचाव बहूत जरूरी है।
ये लक्षण दिखें तो तुरंत पहुंचें डॉक्टर के पास
- अगर तेज ठंड लगने के साथ बुखार आए
- तेज सिरदर्द हो
- जोड़ों में दर्द हो
- चक्कर आने लगे
- कमजोरी महसूस हो