फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एनजीटी की टीम ने धो डाले साफ-सफाई के दावे, रिपोर्ट में हुआ ये बड़ा खुलासा

Sat, 12 Jan 2019 12:41 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
डेमो पिक
विज्ञापन
एनजीटी की तरफ से गठित उत्तर प्रदेश सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट मॉनिटरिंग कमेटी के चेयरमैन रिटायर्ड जज देवी प्रसाद सिंह के अनुसार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की लापरवाही से कानपुर शहर की स्थिति बदतर हुई है। यदि बोर्ड ठीक से काम करता तो ये नौबत न आती। दीपावली पर तीन गुना ज्यादा पटाखे छुड़ाए जा सकते थे, फिर भी प्रदूषण की ऐसी स्थिति न बनती। यहां से भेजी गई रिपोर्ट में सभी इंडस्ट्री और नाले ठीक हैं लेकिन शुक्रवार को मौके पर सब गड़बड़ मिला। बोर्ड के खिलाफ एनजीटी को लिखा है।
विज्ञापन


चेयरमैन के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने कूड़ा निस्तारण प्लांट, हैलट और जाजमऊ का निरीक्षण कर अफसरों को निर्देश दिए। सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से देवी प्रसाद सिंह ने बताया कि पनकी भऊ सिंह नगर स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट से गंदगी पांडु नदी के माध्यम से गंगा में पहुंच रही है। इसे रोकने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए।

46 एकड़ के प्लांट में वर्षों से जमा कूड़ा शहर के लिए जहर है। कूड़ा उड़ने से आसपास की हवा प्रदूषित हो रही है। हवा की गुणवत्ता खराब होने का बड़ा कारण खुले कूड़ाघर हैं जिन्हें बंद किया जाए। इनसे पेट रोगों से लेकर कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा है। उन्होंने नगर आयुक्त से कहा कि प्लांट में कूड़ा ढका जाए। डेढ़ महीने बाद एक भी खुला कूूड़ा न दिखे। सभी को स्वच्छ हवा मिलनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

डेमो पिक
टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। सुधार न हुआ तो कार्रवाई होगी। लापरवाह अधिकारियों का वेतन भी काटा जा सकता है। अब नदी, नालों के किनारे कूड़ा अड्डा नहीं बनेगा। स्थानीय स्तर पर प्लानिंग न हो पाने पर कमेटी योजना बनाकर भेजेगी।

टेनरियों को बिजली काटने पर एतराज 
कमेटी ने जाजमऊ स्थित एक टेनरी का निरीक्षण किया। टेनरियों की बिजली काटे जाने पर एतराज जताया। बताया कि बिजली मूल अधिकार है। इसे काटने के बजाय प्लांट बंद कराने और गंदा पानी निकलने से रोकने की सलाह दी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें