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Kanpur News: इंडस्ट्रियल एस्टेट मैनेजमेंट सिस्टम से उद्यमी देख सकेंगे खाली प्लाट

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कानपुर। उत्तर प्रदेश उद्योग निदेशालय और उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड (यूपीएसआईसी) की ओर से मंगलवार को जीटी रोड स्थित होटल में उद्यमी संवाद हुआ। इसमें एमएसएमई के लिए सरकारी की योजनाओं पर चर्चा हुई। अफसरों ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्रों में खाली प्लाट अब घर बैठे मैप के जरिए देखे जा सकेंगे। इसके लिए इंडस्ट्रियल एस्टेट मैनेजमेंट सिस्टम विकसित किया गया है। इस दौरान विश्व बैंक के सहयोग से संचालित रैंप योजना की भी जानकारी दी गई।
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मुख्य अतिथि अपर निदेशक, उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय व यूपीएसआईसी के प्रबंध निदेशक रोहित आनंद ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ हर जिले और छोटे क्षेत्र तक पहुंचना चाहिए। विभाग ने इंसेंटिव कैलकुलेटर विकसित किया है। इसमें व्यवसाय और निवेश की जानकारी दर्ज करने पर उद्यमियों को संबंधित विभाग की योजनाओं के तहत मिलने वाली सहायता का पता चलेगा और वे सीधे आवेदन कर सकेंगे। डीपीआर टूल में मशीनरी और पूंजी की जानकारी देने पर परियोजना रिपोर्ट का प्रारूप तैयार हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जेम के माध्यम से नीलामी में आवेदन किया जा सकेगा।

यूपीएसआईसी के मुख्य अभियंता प्रभात बाजपेयी ने एमओयू एक्सचेंज सेरेमनी को उद्योग और उद्यमियों के लिए लाभप्रद बताया। उन्होंने कहा कि विभाग औद्योगिक विस्तार में लगातार सहायता कर रहा है। कार्यक्रम में जेईडी सर्टिफिकेशन पर सोनल सग्गी, सिडबी की वित्तीय योजनाओं पर अभिषेक आनंद, ईसीजीसी के प्रावधानों पर शाहिद, स्टॉक एक्सचेंज में एमएसएमई की लिस्टिंग पर सुमित सक्सेना, बिजनेस एक्सेलेरेटर प्रोग्राम पर आईआईएम लखनऊ के क्षितिज अवस्थी और एआई व मशीन लर्निंग के व्यावसायिक उपयोग पर आईआईटी कानपुर के प्रो. एकेआर श्रीनिवासन ने विचार रखे। मौके पर मनोज बंका, अमन घई, आरके अग्रवाल, विकांत अग्रवाल और राहुल गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम में छह समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। पीएफआरडीए और यूपीएसआईसी के बीच एमएसएमई में कार्यरत श्रमिकों के लिए सतत पेंशन कवरेज पर समझौता हुआ। आईआईटी कानपुर और यूपीएसआईसी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता व मशीन लर्निंग में क्षमता निर्माण तथा यूपीएसआईसी और आईआईएम लखनऊ ने एमएसएमई इकाइयों के लिए बिजनेस एक्सेलेरेटर प्रोग्राम पर सहमति जताई। आईआईटी रुड़की और एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग के बीच ओडीओपी के लिए टिकाऊ डिजाइन, पैकेजिंग और सामग्री नवाचार पर समझौता हुआ। फ्रेगरेंस एंड फ्लेवर डेवलपमेंट सेंटर (एफएफडीसी) कन्नौज और सेंट्रल फुटवियर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (सीएफटीआई) आगरा के साथ भी समझौते किए गए।
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