कानपुर। नवरात्र के साथ ही त्योहारी सीजन की शुरुआत हो चुकी है। बाजारों में दिवाली की तैयारियां चल रही हैं। इस बार स्वदेशी उत्पाद भी खूब चमक बिखरेंगे। दिवाली के साथ नवंबर में शुरू हो रहे सहालग तक बाजारों में बंपर कमाई का अनुमान है। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स एसोसिएशन (कैट) के सर्वे में पांच हजार करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान जताया गया है।
कैट के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव पंकज अरोड़ा ने बताया कि दिवाली तक पूरे देश में 4.75 लाख करोड़ रुपये तक कारोबार का अनुमान है। उत्तर प्रदेश में 75 हजार करोड़ और कानपुर में पांच हजार करोड़ रुपये के उत्पादों की बिक्री की संभावना जताई गई है। भारतीय उत्पादों से बाजार जगमगाएंगे और स्वदेशी उत्पादों की नई पहचान बनेगी। पिछले चार सालों में दिवाली बिक्री में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। वर्ष 2021 में 1.25 लाख करोड़, 2022 में 2.50 लाख करोड़, 2023 में 3.75 लाख करोड़ और 2024 में 4.25 लाख करोड़ रुपये का कारोबार मिला था। इस वर्ष का अनुमानित आंकड़ा 4.75 लाख करोड़ का है।
कानपुर में 2000 करोड़ का सराफा और 3000 करोड़ की अन्य बिक्री होने का अनुमान है। पंकज अरोड़ा ने बताया कि नवरात्र के दौरान कैट ने विभिन्न राज्यों के 35 शहरों में सर्वे कराया। इसमें दो प्रमुख कारण सामने आए जो त्योहारी कारोबार को नई ऊंचाई देंगे। जीएसटी में सुधार का बाजार पर जबरदस्त असर दिखा। साथ ही स्थानीय उत्पादों की बिक्री को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। बताया कि 10 अक्तूबर को करवाचौथ है। अहोई अष्टमी 13 अक्तूबर को है। 18 को धनतेरस, 19 को नरक चतुर्दशी, 20 को दिवाली, 21 को गोवर्धन पूजा और 22 को भाई दूज है। 25 से 28 अक्तूबर तक छठ पूजा है। तुलसी विवाह दो नवंबर को है।
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चीनी सामान बाहर, स्वदेशी का दबदबा
बताया गया कि बाजारों में चीनी उत्पादों के बहिष्कार की प्रवृत्ति हर साल और मजबूत होती जा रही है। वर्ष 2020 की गलवां घाटी घटना के बाद से व्यापारियों और उपभोक्ताओं ने चीनी सामान का त्याग करने का निर्णय लिया। परिणामस्वरूप इस दिवाली बाजारों से चीनी उत्पाद लगभग गायब हैं। आयातकों ने दिवाली से जुड़ा सामान चीन से मंगाना पूरी तरह बंद कर दिया है।
स्वदेशी उत्पादों की खूब बिक्री की संभावना
इस बार उपभोक्ता विभिन्न भारतीय उत्पादों को लेकर विशेष उत्साह दिखा रहे हैं। मिट्टी के दीये, मूर्तियां, वॉल हैंगिंग्स, हैंडीक्राफ्ट, पूजन सामग्री, गृह सजावट से लेकर एफएमसीजी, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल सामान, बिल्डर्स हार्डवेयर, ऑटोमोबाइल, रेडीमेड वस्त्र, फर्नीचर, खिलौने, मिठाई, पर्सनल केयर उत्पाद, किचन वियर और बर्तन तक समेत लगभग हर सेक्टर में बंपर बिक्री की संभावना है।