फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यहां तापमान के उतार-चढ़ाव से बढ़ रहे गेस्ट्रोइंटाइटिस, वायरल और डायरिया के रोगी

Sun, 01 Jul 2018 05:54 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

- बुखार, गले में खराश, हीट स्ट्रोक के रोगी भी पहुंच रहे अस्पताल
विज्ञापन
1 of 5
डेमाे पिक
यूपी के कानपुर शहर व आसपास के जिलों में बारिश के बीच तापमान के उतार-चढ़ाव से गेस्ट्रोइंटाइटिस, वायरल और डायरिया के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। बुखार, गले में खराश, हीट स्ट्रोक के रोगियों की संख्या में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। डॉक्टरों ने इस मौसम में शुद्ध पानी पीने, ताजा खाना खाने की सलाह दी है।
 
विज्ञापन

2 of 5
डेमाे पिक
जीएसवीएम मेडिकल कालेज के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि गर्मियों में लगातार तापमान 44 से ऊपर था, पर पिछले 10 दिनों से मौसम के उतार-चढ़ाव के कारण गेस्ट्रोइंटाइटिस के सर्वाधिक मरीज हैलट आ रहे हैं।

 
विज्ञापन

3 of 5
डेमाे पिक
इस बीमारी की शुरुआत में पेट में दर्द, मरोड़ होने के बाद लूज मोशन होने लगते हैं। लूज मोशन से शरीर में पानी (डिहाइड्रेशन) और इलेक्ट्रोलाइट इंबैलेंस से प्यास लगती है। तब पानी पीने से उल्टी होने लगती है। ऐसा रोटा वायरस की वजह से होता है। इसके विपरीत वायरल डायरिया होने पर पहले उल्टी फिर दस्त होते हैं। इन बीमारियों की वजह प्रदूषित पानी, प्रदूषित या बासी खाना, कटे -फटे फल खाना आदि हैं। 

 

4 of 5
डेमाे पिक
आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग के पूर्व क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. निरंकार गोयल ने बताया कि इस मौसम में उमस और ज्यादा तापमान की वजह से पसीना ज्यादा आता है। इससे मरीजों को डिहाइड्रेशन का खतरा रहता है। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

बचाव के उपाय

5 of 5
डेमाे पिक
- शुद्ध एवं पर्याप्त पानी पिएं। 
- शुद्ध एवं ताजा खाना खाएं। 
- कटे - फटे, खुले में घंटों रखे फल न खाएं। 
- एसी या कूलर वाले कमरे या दफ्तर से सीधे धूप में न निकलें। 
- धूप से लौटकर तुरंत ठंडा पानी न पिएं। 
- नारियल पानी, पना, नीबू की शिकंजी ले सकते हैं। 
- रोज तुलसी की पांच पत्तियां खाएं। 
- गिलोय का काढ़ा बनाकर पीने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें