यूपी के कानपुर शहर व आसपास के जिलों में बारिश के बीच तापमान के उतार-चढ़ाव से गेस्ट्रोइंटाइटिस, वायरल और डायरिया के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। बुखार, गले में खराश, हीट स्ट्रोक के रोगियों की संख्या में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। डॉक्टरों ने इस मौसम में शुद्ध पानी पीने, ताजा खाना खाने की सलाह दी है।
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जीएसवीएम मेडिकल कालेज के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि गर्मियों में लगातार तापमान 44 से ऊपर था, पर पिछले 10 दिनों से मौसम के उतार-चढ़ाव के कारण गेस्ट्रोइंटाइटिस के सर्वाधिक मरीज हैलट आ रहे हैं।
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इस बीमारी की शुरुआत में पेट में दर्द, मरोड़ होने के बाद लूज मोशन होने लगते हैं। लूज मोशन से शरीर में पानी (डिहाइड्रेशन) और इलेक्ट्रोलाइट इंबैलेंस से प्यास लगती है। तब पानी पीने से उल्टी होने लगती है। ऐसा रोटा वायरस की वजह से होता है। इसके विपरीत वायरल डायरिया होने पर पहले उल्टी फिर दस्त होते हैं। इन बीमारियों की वजह प्रदूषित पानी, प्रदूषित या बासी खाना, कटे -फटे फल खाना आदि हैं।
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आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग के पूर्व क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. निरंकार गोयल ने बताया कि इस मौसम में उमस और ज्यादा तापमान की वजह से पसीना ज्यादा आता है। इससे मरीजों को डिहाइड्रेशन का खतरा रहता है।
- शुद्ध एवं पर्याप्त पानी पिएं।
- शुद्ध एवं ताजा खाना खाएं।
- कटे - फटे, खुले में घंटों रखे फल न खाएं।
- एसी या कूलर वाले कमरे या दफ्तर से सीधे धूप में न निकलें।
- धूप से लौटकर तुरंत ठंडा पानी न पिएं।
- नारियल पानी, पना, नीबू की शिकंजी ले सकते हैं।
- रोज तुलसी की पांच पत्तियां खाएं।
- गिलोय का काढ़ा बनाकर पीने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।